तिरुवरुर (तमिलनाडु), 27 अगस्त तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने रविवार को नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की आलोचना की।
नरेन्द्र मोदी सरकार की निंदा करते हुए उन्होंने पूछा कि कैग के निष्कर्षों के आलोक में प्रधानमंत्री को भ्रष्टाचार के बारे में बोलने का कौन सा नैतिक अधिकार है।
स्टालिन ने रविवार को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के नेता एम सेल्वाराज की शादी में कहा, ‘‘मैं जानना चाहता हूं कि भ्रष्टाचार के बारे में बोलने का प्रधानमंत्री के पास कौन सा नैतिक अधिकार है। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट में केंद्र सरकार की योजनाओं में भ्रष्टाचार की पहचान की गई है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘कैग केंद्र सरकार के अधीन काम करता है और वह सरकार के कामकाज पर हर साल रिपोर्ट तैयार करता है। वह सरकार के आय और व्यय का अध्ययन करता है और तब रिपोर्ट सौंपता है। यह कैग का काम है। आज कैग कहता है कि केंद्र में भ्रष्ट शासन है और सरकार की योजनाओं में कई अनियमितताएं हैं। हम यह नहीं कह रहे हैं। यह कोई विपक्षी दल नहीं बल्कि कैग है जिसने यह बात कही है।’’
भाजपा शासन पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘मोदी द्रमुक को निशाना बनाते रहे हैं और उन्होंने कहा है कि तमिलनाडु में भ्रष्टाचार है। मैं अब उनसे कैग के निष्कर्षों पर पूछना चाहता हूं, क्या उन्हें भ्रष्टाचार पर बात करने का नैतिक अधिकार है?’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने कैग द्वारा तैयार सारे ब्योरे इकट्ठा कर लिये हैं। मैं यहां पर्याप्त सबूतों के साथ बात करने आया हूं।’’
स्टालिन ने भाजपा द्वारा लागू की गयी परियोजनाओं और योजनाओं के बारे में सवाल उठाया और कहा कि भाजपा नौ सालों से केंद्र में सत्ता में है लेकिन ‘‘वह उन योजनाओं और परियोजनाओं को गिनवा नहीं सकी जिन्हें नौ साल के शासन में अमलीजामा पहनाया गया।’’
द्रमुक प्रमुख ने कहा कि मोदी ‘इंडिया’ गठबंधन के गठन को पचा नहीं सके इसलिए वह स्वतंत्रता दिवस भाषण में भी इस गठबंधन को निशाना बनाते रहे।
इस बीच प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के अन्नामलाई ने स्टालिन के आरोपों को ‘एकदम झूठ’ करार दिया और द्रमुक पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY