सिंगापुर, 24 मई तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने बुधवार को सिंगापुर की कई शीर्ष कंपनियों के मुख्य कार्यपालक अधिकारियों (सीईओ) से मुलाकात कर उन्हें राज्य में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने नए उद्यम शुरू करने के लिए ‘राज्य के अनुकूल वातावरण’ पर प्रकाश डाला।
स्टालिन ने तमिलनाडु सरकार की ओर से अगले वर्ष जनवरी में आयोजित होने वाले वैश्विक निवेशक सम्मेलन में शामिल होने के लिए भी मुख्य कार्यपालक अधिकारियों को आमंत्रित किया।
स्टालिन राज्य में निवेश आकर्षित करने के लिए और वैश्विक निवेशक सम्मेलन के लिए निवेशकों को आमंत्रित करने के लिए दो देशों- सिंगापुर और जापान के आधिकारिक दौरे पर हैं।
स्टालिन का स्वागत करते हुए सिंगापुर के व्यापारिक संबंध मंत्री एस. ईश्वरन ने कहा कि तमिलनाडु ने 2030 तक एक लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की महत्वाकांक्षी योजना शुरू की है। सरकार का मुख्य जोर राज्य के विनिर्माण और हरित अर्थव्यवस्था क्षेत्रों को विकसित करने पर है।
भारत और सिंगापुर के बीच व्यापार को बढ़ावा देने के लिए बुधवार को यहां आयोजित एक निवेश सम्मेलन को संबोधित करते हुए ईश्वरन ने कहा, “सिंगापुर की कंपनियां इस लक्ष्य को पाने में योगदान देने और तमिलनाडु की विकास गाथा में भाग लेने की इच्छुक हैं।”
सिंगापुर की हाई-पी ने भारत में अपना पहला विनिर्माण संयंत्र स्थापित करने के लिए निवेश संवर्द्धन की राज्य की नोडल एजेंसी ‘गाइडेंस तमिलनाडु’ के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।
हाई-पी दूरसंचार, लाइफस्टाइल और कंप्यूटिंग उद्योगों के लिए एक अनुबंध पर विनिर्माण करती है।
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