चेन्नई, नौ दिसंबर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के.स्टालिन ने राज्य में ‘मिगजॉम’ तूफान से प्रभावित लोगों को छह-छह हजार रुपये की नकद सहायता देने और फसल खराब होने पर मिलने वाला मुआवजा सहित विभिन्न श्रेणियों में राहत राशि बढ़ाने की शनिवार को घोषणा की।
सरकार द्वारा जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक, यह सहायता उन लोगों को दी जाएगी जिनका जीविकोपार्जन चक्रवात के कारण प्रभावित हुआ है। सरकार यह सहायता राशन की दुकानों पर नकदी के रूप में देगी।
चक्रवाती तूफान ‘मिगजॉम’ के कारण तीन और चार दिसंबर को चेन्नई और आसपास के जिलों चेंगलपेट, कांचीपुरम और तिरुवल्लूर में मूसलाधार बारिश हुई, जिससे बाढ़ आ गई तथा जानमाल की हानि हुई।
मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद सचिवालय में उनकी अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक हुई, जिसमें बाढ़ से हुए नुकसान और प्रभावित लोगों को प्रदान की जाने वाली राहत की समीक्षा की गई।
एक सरकारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि स्टालिन ने धान सहित बारिश से प्रभावित फसलों (33 प्रतिशत और अधिक) के लिए मुआवजा 13,500 रुपये प्रति हेक्टेयर से बढ़ाकर 17,000 रुपये करने का आदेश दिया है।
विज्ञप्ति के मुताबिक, यदि बारहमासी फसलें और पेड़ प्रभावित हुए हैं, तो प्रति हेक्टेयर मुआवजा 18,000 रुपये से बढ़ाकर 22,500 रुपये प्रति हेक्टेयर कर दिया जाएगा। वर्षा आधारित फसलों के लिए मुआवजा 7,410 रुपये प्रति हेक्टेयर से बढ़ाकर 8,500 रुपये किया जाएगा।
विज्ञप्ति के मुताबिक, चक्रवात के कारण बारिश से जुड़ी घटनाओं में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को मिलने वाली सहायता राशि चार लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये की जाएगी।
नावों और मछली पकड़ने के जालों को नुकसान होने की स्थिति में सहायता देने के लिए सरकार ने श्रेणी-वार रूपरेखा तैयार की है। इसके मुताबिक क्षतिग्रस्त मशीनीकृत नौकाओं के लिए अधिकतम सब्सिडी पांच लाख रुपये से बढ़ाकर 7.50 लाख रुपये करना शामिल है।
विज्ञप्ति के मुताबिक, गाय-बैल समेत मवेशियों के मारे जाने पर मुआवजा 30,000 रुपये से बढ़ाकर 37,500 रुपये किया जाएगा। ‘वेलाडू’ और ‘सेम्मारी आडू’ जैसी बकरी की नस्लों के लिए मुआवजा 3,000 रुपये से बढ़ाकर 4,000 रुपये किया जाएगा।
क्षतिग्रस्त झोपड़ियों के लिए सहायता अब पांच हजार रुपये से बढ़कर आठ हजार रुपये होगी।
सरकार ने कहा कि चक्रवाती तूफान के कारण शुरू हुई बारिश से आठ दिसंबर तक अकेले चेन्नई जिले में 47 लाख भोजन के पैकेट बांटे गए हैं।
विज्ञप्ति के मुताबिक, कुल मिलाकर, चेन्नई, चेंगलपेट, कांचीपुरम और तिरुवल्लूर जिलों में लोगों को 51 लाख भोजन पैकेट उपलब्ध कराए गए। ब्रेड और बिस्किट के पैकेट के अलावा 58,000 किलोग्राम से अधिक दूध पाउडर और लगभग 10 लाख पीने के पानी की बोतलें वितरित की गईं।
बारिश और बाढ़ के कारण उत्पन्न स्थिति से निपटने को लेकर द्रविड मुनेत्र कषगम (द्रमुक)सरकार को मुख्य विपक्षी दल ऑल इंडिया द्रमुक मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की आलोचना का सामना करना पड़ा। साथ ही, समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने सोशल मीडिया पर अपनी पीड़ा और निराशा व्यक्त की।
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