कोलंबो, 25 जुलाई श्रीलंकाई सरकार के प्रयास कोरोना वायरस के सामुदायिक प्रसार को रोकने में पूरी तरह सफल रहे हैं और देश में पिछले तीन महीने से सामुदायिक स्तर पर संक्रमण फैलने का एक भी मामला सामने नहीं आया है। श्रीलंका में कोविड-19 कार्य बल के प्रमुख ने ये जानकारी दी।
लेफ्टिनेंट जनरल शावेंद्र सिल्वा ने कहा कि 30 अप्रैल के बाद से सामने आए संक्रमण के सभी मामले वे हैं जिनमें ये वायरस श्रीलंकाई प्रवासियों से फैला है जिनकी वापसी को सरकार ने सुगम बनाया था। इनमें कंडाकाडु नशामुक्ति केंद्र से सामने आए 500 मामले भी शामिल हैं।
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सिल्वा ने संवाददाताओं से कहा, “हमें 30 अप्रैल के बाद से समुदाय के भीतर एक भी मामला नहीं मिला है।”
उन्होंने कहा, “हम वायरस के सामाजिक प्रसार को पूरी तरह रोकने में सक्षम रहे हैं।”
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सिल्वा ने कहा कि दो हफ्ते पहले नशामुक्ति केंद्र से संक्रमण के मामले सामने आने के बाद से संक्रमण के दूसरे दौर को लेकर कई अफवाहें उड़ी थी जब 500 लोगों को पृथक-वास में रखा गया था।
सरकार ने मामले बढ़ने के मद्देनजर 14 जुलाई से विभिन्न देशों से अपने नागरिकों की स्वदेश वापसी को रोक दिया था।
उन्होंने कहा, “हमने नशामुक्ति केंद्र के लोगों के संपर्क में आने के बाद मामले बढ़ने की आशंका से निपटने के लिए पृथक-वास केंद्रों की उपलब्धतता सुनिश्चित करने के लिए वापसी की प्रक्रिया को टालने का फैसला किया।”
सिल्वा ने कहा कि करीब 20,000 लोग जिन्हें वापस लाया गया उन्हें पृथक-वास में रखा गया और अन्य 5,000 अब भी पृथक-वास में रह रहे हैं।
श्रीलंका में कोरोना संक्रमण के 2,764 मामले हैं और 11 लोगों की मौत हुई है।
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