चेन्नई, 16 अक्टूबर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने सोमवार को कहा कि श्रीलंकाई नौसेना ने राज्य के 27 मछुआरों को गिरफ्तार कर लिया है और उनकी पांच नौकाओं को कब्जे में ले लिया है, इसलिए केंद्र सरकार को उन्हें रिहा कराने तथा उनकी नौकाओं को मुक्त कराने के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए।
स्टालिन ने विदेश मंत्री एस जयशंकर को पत्र लिखकर कहा कि दो अलग-अलग घटनाओं में 27 मछुआरों को गिरफ्तार किया गया है।
श्रीलंकाई नौसेना ने 14 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा पार करने के आरोप में रामेश्वरम के 23 मछुआरों को गिरफ्तार कर लिया और मछली पकड़ने वाली उनकी चार नौकाओं को जब्त कर लिया। जबकि एक अन्य घटना में, चार मछुआरों को गिरफ्तार कर लिया गया और उनकी मशीनीकृत नौका को जब्त कर लिया।
मुख्यमंत्री ने विदेश मंत्री जयशंकर से तमिलनाडु के 27 मछुआरों की रिहाई के लिए तत्काल राजनयिक कदम उठाने का अनुरोध किया।
स्टालिन ने जयशंकर को संबोधित पत्र में कहा, ‘‘जैसा कि मैंने आपको पहले लिखा है, गिरफ्तारी और जब्ती की इन बार-बार की घटनाओं ने हमारे समुद्र तट पर मछली पकड़ने वाले समुदायों के दिलों में डर पैदा कर दिया है।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन मछुआरों की आजीविका दांव पर है, जो अक्सर अपने परिवारों के लिए एकमात्र कमाने वाले व्यक्ति होते हैं। इस तरह की बार-बार होने वाली गिरफ़्तारियों के गहरे आर्थिक प्रभाव हैं, क्योंकि इससे न केवल मछुआरों और उनके परिवारों की आय का नुकसान होता है, बल्कि कई व्यक्तियों की खाद्य सुरक्षा भी खतरे में पड़ जाती है।
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