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क्या एक दुर्लभ व्हेल प्रजाति को चुकानी होगी तेल-गैस की कीमत?

व्हेलों की एक दुर्लभ प्रजाति है, राइसेज व्हेल.

क्या एक दुर्लभ व्हेल प्रजाति को चुकानी होगी तेल-गैस की कीमत?
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

व्हेलों की एक दुर्लभ प्रजाति है, राइसेज व्हेल. इस संरक्षित प्रजाति के दुनिया में 100 जीव भी नहीं हैं. ये सभी अपने इकलौते घर मेक्सिको की खाड़ी में रहते हैं. अब तेल-गैस का उत्पादन इन समेत कई और जीवों पर आफत ला सकता है.अमेरिका और इस्राएल ने ईरान पर हमला किया. युद्ध छिड़ा, तो तेहरान ने होर्मुज जलडमरुमध्य भी बंद कर दिया. दुनिया में तेल और गैस की आपूर्ति का यह अहम रास्ता बाधित होने के कारण वैश्विक ऊर्जा संकट पैदा हो गया. एनर्जी की कीमत कुलांचे भरने लगी.

ईरान से लगभग 12,000 से 13,000 किलोमीटर दूर है, मेक्सिको की खाड़ी. ईरान युद्ध से गहराए ऊर्जा संकट का एक बड़ा गहरा असर मेक्सिको की खाड़ी तक पहुंचता दिख रहा है.

डॉनल्ड ट्रंप प्रशासन ने गल्फ ऑफ मेक्सिको में तेल और गैस का घरेलू उत्पादन बढ़ाने की ठानी है. इसपर अमल करने में एक कानूनी अड़चन थी. उससे छूट देने के सवाल पर ट्रंप प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों की एक समिति ने 31 मार्च को एक बैठक की. इसमें मेक्सिको की खाड़ी में तेल और गैस उद्योग को एक कानून में छूट देने का फैसला किया गया.

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राष्ट्रीय सुरक्षा को आधार बनाकर संरक्षित प्रजाति अधिनियम से छूट

गल्फ ऑफ मेक्सिको, जिसने ट्रंप कार्यकाल में 'गल्फ ऑफ अमेरिका' का नया नाम पाया है, कई संरक्षित प्रजातियों और जोखिम से घिरी प्रजातियों का घर है. यहां राइसेज व्हेल, समुद्री कछुए, मैनटीज, वूपिंग क्रेन्स, कई तरह के समुद्री पक्षी और स्पर्म व्हेल जैसे जीव रहते हैं.

यहां रहने वाली संरक्षित प्रजातियों को एक खास कानून 'एन्डेंजर्ड स्पीशिज एक्ट' के तहत सुरक्षा हासिल है. इसके कारण संरक्षित जीवों को मारना या नुकसान पहुंचाना गैरकानूनी है.

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इसी गल्फ में अमेरिका का करीब 15 प्रतिशत क्रूड ऑइल उत्पादन भी होता है. तेल और गैस की ड्रिलिंग का दायरा बढ़ाने के लिए ट्रंप प्रशासन ने राष्ट्रीय सुरक्षा का आधार देकर इस कानून में छूट मांगी थी और यह छूट दे भी दी गई.

पर्यावरण समूहों का विरोध

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, साल 1978 में एन्डेंजर्ड स्पीशिज कमिटी का गठन हुआ था. तब से यह चौथी बार था, जब समिति ने बैठक की हो. मीटिंग में अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ भी उपस्थित थे. उन्होंने समिति से कहा कि यह कानून खाड़ी में तेल और गैस के उत्पादन को जोखिम में डाल रहा है.

हेगसेथ बोले, "हम अपने ही नियमों को हमारी प्रतिष्ठा कमजोर करने और हमें नुकसान पहुंचाने की ख्वाहिश रखने वालों को मजबूती देने की इजाजत नहीं दे सकते. इसलिए इन वजहों से, गल्फ में एन्डेंजर्ड स्पीशीज ऐक्ट में छूट देना ना केवल एक अच्छा विचार है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी यह बहुत अहम मुद्दा है."

छह सदस्यों की समिति ने एकमत होकर छूट को हरी झंडी दे दी. हालांकि, पर्यावरण समूहों ने इस निर्णय का विरोध किया है. आने वाले महीनों में यह मामला अदालत पहुंच सकता है.

राइसेज व्हेल की अनुमानित आबादी: मात्र 51

राइसेज व्हेल को अपना नाम अमेरिकी बायोलॉजिस्ट डेल राइस के नाम पर मिला है. वह पहले रिसर्चर थे, जिन्होंने मेक्सिको की खाड़ी में इन जीवों की बसाहट की जानकारी दी थी. राइसेज व्हेल को साल 1965 में खाड़ी में देखा गया था. हालांकि, तब उन्हें ब्रुडुस व्हेल का ही हिस्सा मान लिया गया. जबकि अपने क्रम संबंधी विकास में राइसेज व्हेल उनसे अलग होते हैं.

साल 2021 में इसे एक नई प्रजाति के तौर पर मान्यता मिली. ये सालभर मेक्सिको की खाड़ी में रहने वाले इकलौते बेलीन व्हेल हैं. 'मरीन मैमल कमीशन' के मुताबिक, इनकी अनुमानित आबादी केवल 51 है. ये मुख्य तौर पर पानी में 100 से 400 मीटर की गहराई में पाए जाते हैं और ताउम्र केवल मेक्सिको की खाड़ी में ही रहते हैं.

राइसेज व्हेलों को किस तरह नुकसान पहुंच सकता है?

खाने के मामले में इस जीव की पसंद सीमित है. दिन के समय नीचे गहराई में गोता लगाकर वो ज्यादा वसा वाली मछलियां खाते हैं. इनमें भी खासकर सिल्वर रैग ड्रिफ्टफिश. रात होने पर वो सतह के नजदीक सो जाते हैं.

जेरमी कीश्का, फ्लोरिडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी में बायोलॉजिकल साइंसेज के प्रोफेसर हैं. समाचार एजेंसी एपी से बातचीत में उन्होंने बताया कि पसंदीदा खाने की तलाश में ये व्हेल खूब गोते लगाते हैं, जिसमें काफी ऊर्जा खर्च होती है.

प्रोफेसर कीश्का ने बताया कि खाड़ी में ड्रिलिंग और बाकी बदलावों से राइसेज व्हेल के खास आहार की उपलब्धता पर भी असर पड़ सकता है, "हम आज जो देख रहे हैं वह ऐसी प्रजाति है जो कई तरह से बदकिस्मत है: छोटा घर, खास तरह का खाना और ऐसी जगह रहना, जो इंसानों के असर के कारण पहले ही आसान नहीं है."

पहले से ही संख्या में इतने कम राइसेज व्हेलों पर कई खतरे हैं. मसलन जहाज से टकराने की आशंका, ध्वनि प्रदूषण, समुद्र के पानी में तेल लीक होना और जलवायु परिवर्तन. वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर तेल और गैस की ड्रिलिंग बढ़ी, तो ये सारे खतरे भी बढ़ जाएंगे. समुद्री कछुओं जैसे अन्य संरक्षित जीवों के लिए भी जोखिम बढ़ जाएगा.

आपातकाल बताकर एक बार छूट लेना आम बना दिया जाएगा?

माइकल याश्ने, नेचुरल रिर्सोसेज डिफेंस काउंसिल के मरीन मैमल प्रॉटेक्शन प्रॉजेक्ट के निदेशक हैं. वह समुद्र में ध्वनि प्रदूषण से जुड़ी नीतियों और कानून के भी विशेषज्ञ हैं. उन्होंने एपी को बताया कि मेक्सिको गल्फ में तेल और गैस इंडस्ट्री को कानून में छूट देने के गंभीर परिणाम हो सकते हैं.

उन्होंने यह आशंका भी जताई कि ट्रंप प्रशासन कानून से छूट या राहत पाने के लिए जरूरी सख्त छानबीन और समीक्षा की जरूरत को खत्म करना चाहता है और इसे "ऐसी चीज में बदलना चाहता है, जिसे कभी भी लागू किया जा सके, कमोबेश किसी भी मकसद के लिए."

याश्ने ने चेताया कि अगर गल्फ में ड्रिलिंग के लिए यह किया जा सकता है तो "कैलिफोर्निया क्यों नहीं? अलास्का क्यों नहीं? अगर आप बस खाड़ी में समुद्री कछुओं और मैनटीज और व्हेल को मारने के लिए आपातकाल का एलान कर सकते हैं, तो जान जाइए कि कोई प्रजाति सुरक्षित नहीं है."

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 01, 2026 06:30 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).