Hanuman Jayanti 2026 Sanskrit Wishes: श्री हनुमत् जन्मोत्सवस्य शुभाशयाः अपनों को इन संस्कृत Shlokas, WhatsApp Messages, GIF Greetings के जरिए दें बधाई
हनुमान जयंती के इस पावन अवसर पर अपनों को बधाई देने के लिए संस्कृत श्लोकों का विशेष महत्व है. डिजिटल युग में व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म शुभकामना संदेश भेजने का चलन बढ़ा है. ऐसे में इस खास अवसर पर आप संस्कृत के इन विशेज, श्लोक, वॉट्सऐप मैसेजेस, जीआईएफ ग्रीटिंग्स के जरिए अपनों को श्री हनुमत् जन्मोत्सवस्य शुभाशयाः कह सकते हैं.
Hanuman Jayanti 2026 Sanskrit Wishes: हिंदू धर्म में अटूट आस्था के प्रतीक और भगवान श्रीराम के परम भक्त हनुमान जी का जन्मोत्सव (Hanuman Janmotsav) इस वर्ष 2 अप्रैल, 2026 को मनाया जा रहा है. हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि को यह पावन पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है. साहस, निस्वार्थ सेवा और भक्ति के प्रतिमान माने जाने वाले बजरंगबली (Bajrangbali) की पूजा-अर्चना के लिए मंदिरों में विशेष तैयारियां की जा रही हैं.
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हनुमान जी कलयुग के जागृत देवता हैं. उनकी भक्ति से जीवन के बड़े से बड़े कष्ट दूर हो जाते हैं और नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा मिलती है. इस दिन विधि-विधान से पूजा करने के साथ-साथ हनुमान चालीसा, बजरंगबाण और सुंदरकांड का पाठ करना अत्यंत फलदायी माना जाता है. अच्छी सेहत और मनोकामना पूर्ति के लिए भक्त इस दिन लाल वस्त्र धारण कर हनुमान जी को सिंदूर, लाल फूल और मिठाई अर्पित करते हैं.
हनुमान जयंती के इस पावन अवसर पर अपनों को बधाई देने के लिए संस्कृत श्लोकों का विशेष महत्व है. डिजिटल युग में व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म शुभकामना संदेश भेजने का चलन बढ़ा है. ऐसे में इस खास अवसर पर आप संस्कृत के इन विशेज, श्लोक, वॉट्सऐप मैसेजेस, जीआईएफ ग्रीटिंग्स के जरिए अपनों को श्री हनुमत् जन्मोत्सवस्य शुभाशयाः कह सकते हैं.





ज्योतिष शास्त्र और धार्मिक जानकारों के अनुसार, आर्थिक लाभ और कर्ज से मुक्ति के लिए इस दिन विशेष उपाय किए जाते हैं. हनुमान जयंती पर चमेली के तेल का दीपक प्रज्जवलित करना और गुड़ का भोग लगाकर 11 बार हनुमान चालीसा का पाठ करना शुभ माना गया है. इससे जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और सुख-समृद्धि का वास होता है.
हनुमान जयंती केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज में सेवा और शक्ति के संचार का पर्व है. 2 अप्रैल को होने वाले इस मुख्य आयोजन को लेकर अयोध्या से लेकर देश के तमाम छोटे-बड़े हनुमान मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ जुटने की संभावना है. प्रशासन और मंदिर समितियां सुरक्षा और दर्शन की व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित करने में जुटी हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 01, 2026 09:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

