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Maharashtra Ladki Bahin Yojana Update: लाडकी बहिन योजना में ई-केवाईसी न कराने पर 68 लाख खाते बंद, डेडलाइन 30 अप्रैल तक बढ़ी

सरकार ने यह भी साफ किया है कि जिन अपात्र लोगों को पहले पैसे मिल चुके हैं, उनसे राशि वापस नहीं ली जाएगी. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने स्पष्ट किया है कि यह योजना बंद नहीं होगी और आगे भी जारी रहेगी. यह योजना 2024 विधानसभा चुनाव से पहले शुरू की गई थी और इसे सरकार की बड़ी योजनाओं में से एक माना जाता है.

Maharashtra Ladki Bahin Yojana Update: लाडकी बहिन योजना में ई-केवाईसी न कराने पर 68 लाख खाते बंद, डेडलाइन 30 अप्रैल तक बढ़ी

Maharashtra Ladki Bahin Yojana Update: महाराष्ट्र की लाडकी बहिन योजना के तहत ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी न करने वाले करीब 68 लाख खातों को स्थायी रूप से बंद कर दिया गया है. कुल 2.43 करोड़ खातों में से यह बड़ी संख्या बाहर हो गई है, जिसके बाद अब लगभग 1.75 करोड़ लाभार्थी सक्रिय बचे हैं. राज्य सरकार हर महीने करीब 3,700 करोड़ रुपये खर्च कर रही थी, जिसमें लगभग 2.25 करोड़ महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह दिए जाते थे. अब लाभार्थियों की संख्या घटने से इस खर्च में कमी आने की संभावना है. Ladki Bahin Yojana: महाराष्ट्र लाड़की बहिन योजना की महिला लाभार्थियों के लिए खुशखबरी, एक साथ मिल सकती है फरवरी और मार्च की किस्त

सरकार ने ई-केवाईसी की अंतिम तारीख पहले 31 मार्च तय की थी, जिसे अब बढ़ाकर 30 अप्रैल कर दिया गया है. इससे अभी भी कुछ लाभार्थियों को मौका मिलेगा, लेकिन अंतिम आंकड़ों में और बदलाव हो सकता है. वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में भी इस योजना के लिए आवंटन घटाकर 26,000 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो पिछले साल 36,000 करोड़ रुपये था.

ई-केवाईसी प्रक्रिया इसलिए शुरू की गई थी क्योंकि शिकायतें मिली थीं कि कई अपात्र लोग, जैसे पुरुष और सरकारी कर्मचारी, भी इस योजना का लाभ ले रहे थे. इसी वजह से सरकार ने सख्ती बढ़ाई और जांच के बाद कई खातों को बंद किया गया.

इस प्रक्रिया के दौरान एक मराठी सवाल की गलत समझ के कारण भी लाखों खातों में गड़बड़ी हुई. “तुमच्या घरातले कोणी सरकारी नोकरीत नाही ना?” इस सवाल को कई लोगों ने गलत समझ लिया, जिससे करीब 24 लाख खाते संदिग्ध हो गए थे. बाद में जांच में लगभग 20 लाख खाते सही पाए गए, जबकि बाकी की जांच जारी है.

सरकार ने यह भी साफ किया है कि जिन अपात्र लोगों को पहले पैसे मिल चुके हैं, उनसे राशि वापस नहीं ली जाएगी. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने स्पष्ट किया है कि यह योजना बंद नहीं होगी और आगे भी जारी रहेगी. यह योजना 2024 विधानसभा चुनाव से पहले शुरू की गई थी और इसे सरकार की बड़ी योजनाओं में से एक माना जाता है.

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 01, 2026 08:57 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).