जरुरी जानकारी | श्रीलंका ने भारत, जापान के साथ कंटेनर टर्मिनल के नए प्रस्ताव को मंजूरी दी

कोलंबो, दो मार्च श्रीलंका ने मंगलवार को कहा कि उसने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण कोलम्बो पोर्ट के वेस्टर्न कंटेनर टर्मिनल (डब्ल्यूसीटी) के विकास प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसका विकास भारत और जापान के साथ एक संयुक्त उद्यम कंपनी के तहत किया जाएगा।

श्रीलंका यह परियोजना 35 साल के पट्टे पर देगा। सरकार ने इस निर्णय से कुछ सप्ताह पहले इसी बंदरगाह पर इसी तरह की एक त्रिपक्षीय व्यवस्था के अंतर्गत एक टर्मिनल के विकास की योजना निरस्त कर दी थी।

मंगलवार को जारी मंत्रिमंडल ज्ञापन के अनुसार, ‘‘मंत्रिमंडल ने सोमवार को कोलम्बो साऊथ पोर्ट के वेस्ट कंटेनर टर्मिनल के विकास को मंजूरी दे दी है। श्रीलंका पोट्र्स ऑथोरिटी और भारत तथा जापान सरकार द्वारा नामित एजेंसियों के गठजोड़ से एक निजी-सार्वजनिक लिमिटेड कंपनी के रूप में इसका विकास किया जाएगा।’’

इसमें कहा गया है कि बनाओ, अपनाओ और सौंप दो (बीओटी) के आधार पर प्रस्तावित परियोजना को वार्ता कर रही समिति से मंजूरी मिलने के बाद उसे भारतीय उच्चायोग और जापानी दूतावास को भेजा गया था।

मंत्रिमंडल ज्ञापन के अनुसार अडाणी पोट्र्स एंड स्पेशल एकोनॉमिक जोन लि. के प्रस्ताव को भारतीय उच्चायोग ने मंजूरी दे दी है।

पर सूत्रों ने इस ज्ञापन में ‘भारतीय उच्चायोग द्वारा स्वीकृत किए जाने’ के उल्लेख पर आश्चर्य जताया। उनका कहना था कि श्रीलंका में निवेश का फैसला यहां की सरकार करती है न कि भारतीय उच्चायोग।

इससे पहले श्रीलंका पोर्ट्स ऑथोरिटी ने पिछली सिरिसेना सरकार के समय मई 2019 में भारत और जापान के साथ इस बंदरगाह पर पूर्वी कंटेनर टर्मिनल (ईसीटी) के निर्माण का एक करार किया था। ट्रेड यूनियनों के विरोध के कारण उस समझौते को प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षा ने पिछले महीने निरस्त कर दिया।

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