नयी दिल्ली, 20 जून विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अभय करंदीकर ने बृहस्पतिवार को कहा कि सरकार और दूरसंचार परिचालकों के प्रयासों के बावजूद देश में वाईफाई पहुंच की रफ्तार धीमी है।
विश्व वाईफाई दिवस पर ब्रॉडबैंड इंडिया फोरम (बीआईएफ) के कार्यक्रम में करंदीकर ने कहा कि प्रौद्योगिकी और स्पेक्ट्रम की उपलब्धता के बावजूद दूरसंचार बुनियादी ढांचे की कमी भारत में वाईफाई पहुंच की गति को रोक रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘सस्ती ‘कनेक्टिविटी’ प्रदान करने के लिए वाईफाई महत्वपूर्ण है। भारत में सरकार और परिचालक इस दिशा में प्रयास कर रहे हैं लेकिन उसके बावजूद हम अभी भी सार्वजनिक वाईफाई पहुंच के मामले में पीछे हैं।’’
करंदीकर ने कहा कि 5जी, 6जी जैसी मोबाइल सेवाओं के उच्च फ्रीक्वेंसी बैंड पर जाने से इमारतों के अंदर नेटवर्क प्रदान करना मुश्किल हो रहा है जहां वाईफाई एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
दूरसंचार विभाग के आंकड़ों के अनुसार, सरकार की पीएम वाणी परियोजना के तहत लगभग दो लाख वाईफाई हॉटस्पॉट लगाये गये हैं।
पीएम वाणी परियोजना का लक्ष्य देश में एक मजबूत डिजिटल संचार बुनियादी ढांचा तैयार करने के लिए सार्वजनिक वाईफाई हॉटस्पॉट के प्रसार को बढ़ाना है।
करंदीकर ने कहा कि रेलटेल वाईफाई के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
इस मौके पर ब्रॉडबैंड इंडिया फोरम के अध्यक्ष टीवी रामचंद्रन ने कहा कि उद्योग के अनुमान के अनुसार प्रति कनेक्शन हर महीने औसत खपत 600-700 जीबी तक बढ़ सकती और इसके लिए वाईफाई जरूरी है।
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