लखनऊ, आठ जनवरी समाजवादी पार्टी (सपा) के मीडिया प्रकोष्ठ के पदाधिकारी मनीष जगन अग्रवाल को सोशल मीडिया पर महिलाओं के प्रति कथित अभद्र टिप्पणी करने के आरोपों में रविवार सुबह लखनऊ के हजरतगंज इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया।
अग्रवाल की गिरफ्तारी से नाराज सपा के कार्यकर्ता उनकी तत्काल रिहाई की मांग को लेकर यहां उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय के बाहर जमा हो गए।
पुलिस उपायुक्त (मध्य) अर्पणा रजत कौशिक ने बताया कि अग्रवाल को आज सुबह हजरतगंज से गिरफ्तार किया गया। उन पर सोशल मीडिया पर महिलाओं के प्रति अभद्र और अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप है।
भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो)की उत्तर प्रदेश इकाई की सोशल मीडिया प्रभारी ऋचा राजपूत द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर पिछली चार जनवरी को हजरतगंज थाने में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ धाराओं 354 (ए) (यौन उत्पीड़न), 504 (जानबूझकर अपमान) और 506 (आपराधिक धमकी के लिए सजा) में मुकदमा दर्ज किया गया था।
पुलिस को दी गई शिकायत में ऋचा ने सपा मीडिया सेल के ट्विटर अकाउंट पर की गई कई टिप्पणियों का हवाला देते हुए कहा था "समाजवादी पार्टी के जिम्मेदार पदाधिकारियों ने धमकी दी है कि मेरे साथ बलात्कार किया जाएगा। उन्होंने मुझे जान से मारने की भी धमकी दी है। उन्होंने मेरे खिलाफ अभद्र टिप्पणी भी की है।"
अग्रवाल इस हैंडल का संचालन करते थे।
इस बीच, अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने यहां पुलिस मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत में अखिलेश की तरफ इशारा करते हुए कहा, "एक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष (अखिलेश यादव) अन्य विधायकों के साथ डीजीपी मुख्यालय आए थे। उन्होंने पूछा कि सपा के मीडिया प्रकोष्ठ से जुड़े मनीष जगन अग्रवाल को क्यों गिरफ्तार किया गया। उन्हें (अखिलेश) बताया गया कि अग्रवाल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था और उसकी गिरफ्तारी विस्तृत जांच के बाद की गई है।"
उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई कानून के प्रावधानों के अनुरूप है।
कुमार ने कहा, "उस व्यक्ति (अग्रवाल) ने समय-समय पर शालीनता की हदें पार कीं और ट्वीट किए। उन्होंने पत्रकारों के खिलाफ अभद्र और जातिवादी भावना के साथ ट्वीट भी किए थे।"
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