एजेंसी न्यूज

दक्षिण पश्चिम मानसून पूरे देश में सामान्य रहने का पूर्वानुमान : मौसम विभाग

पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव एम राजीवन ने बुधवार को संवाददाता सम्मेलन में दक्षिण पश्चिम मानसून के पहले दीर्घकालिक अनुमान को जारी करते हुये बताया कि पिछले सालों की तरह देश में इस साल भी मानसून सामान्य रहने का अनुमान है।

दक्षिण पश्चिम मानसून पूरे देश में सामान्य रहने का पूर्वानुमान : मौसम विभाग
जमात

नयी दिल्ली, 15 अप्रैल मौसम विभाग ने जून से सितंबर के दौरान बारिश लाने वाले दक्षिण पश्चिम मानसून के इस साल सामान्य रहने का पूर्वानुमान व्यक्त किया है।

पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव एम राजीवन ने बुधवार को संवाददाता सम्मेलन में दक्षिण पश्चिम मानसून के पहले दीर्घकालिक अनुमान को जारी करते हुये बताया कि पिछले सालों की तरह देश में इस साल भी मानसून सामान्य रहने का अनुमान है।

उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र के लिये यह स्थिति मददगार साबित होगी।

उल्लेखनीय है कि दक्षिण पश्चिम मानसून, सामान्य तौर पर एक जून को दक्षिणी इलाकों से देश में दस्तक देता है और 30 सितंबर तक इसकी वापसी हो जाती है।

डा. राजीवन ने बताया कि मौसम विभाग ने इस साल से मानसून के आने और वापस जाने की तारीखों में भी बदलाव किया है। हालांकि केरल में इस मानसून के इस साल एक जून को ही दस्तक देने का अनुमान है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि आज जारी किया गया पूर्वानुमान, दक्षिण पश्चिम मानसून की राष्ट्रीय स्थिति को दर्शाता है। इसका क्षेत्रीय पूर्वानुमान मई के अंतिम सप्ताह या जून के पहले सप्ताह में जारी किया जायेगा। जिसके आधार पर यह बताया जा सकेगा कि देश के किस इलाके में मानसून की बारिश का कैसा हाल रहने का अनुमान है।

मौसम विभाग के महानिदेशक डा. मृत्युंजय महापात्रा ने कहा कि दक्षिण पश्चिम मानसून, अनुमान के मुताबिक एक जून को केरल तट से दस्तक दे सकता है।

उन्होंने कहा कि विभिन्न शहरों में मानसून के दस्तक देने और वापसी की अनुमानित तारीखों का निर्धारण कर दिया गया।

उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ दशकों से जलवायु संबंधी परिस्थितियों में सामान्य रूप से होने वाले समयगत बदलावों के देखते हुये मानसून की दस्तक और वापसी, पूर्व निर्धारित कार्यक्रम से पहले या देर से हो रही थी। इसे देखते हुये मौसम विभाग ने 1950 के दशक में निर्धारित किये गये मानसून के कार्यक्रम को इस साल पुनर्निर्धारित किया है।

डा. महापात्रा ने बताया कि दक्षिण पश्चिम मानसून में बारिश की मात्रा दीर्घकालिक अनुमान के मुताबिक शत प्रतिशत रहने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि मानसून के दौरान बारिश की मात्रा 96 प्रतिशत से 104 प्रतिशत के बीच रहने की स्थिति को सामान्य श्रेणी में रखा जाता है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, लेटेस्टली स्टाफ ने इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया है)

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 15, 2020 02:23 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).