दक्षिण अफ्रीका के खनिज संसाधन और ऊर्जा विभाग ने कहा, संभव है कि संदिग्ध अवैध खनन मजदूरों की मौत 18 मई को हुई हो और अधिकतर मजदूरों के शव अभी खदान में हैं।
मंत्रालय ने बयान में कहा कि प्राधिकारियों को खदान के अंदर से शवों को बरामद करने के लिए तलाशी दलों को भेजने से रोका गया क्योंकि वहां बड़ी मात्रा में खतरनाक मीथेन गैस थी।
बयान में कहा गया कि मंत्रालय, इस ''अनोखी और असमान्य स्थिति'' से तेजी से निपटने के लिए विभिन्न विकल्पों पर विचार कर रहा है। दक्षिण अफ्रीका के सोने के पुराने खनन क्षेत्रों में अवैध खनन बड़े स्तर पर होता है, जहां खनिक भंडार की खोज के लिए बंद और अक्सर खतरनाक खदानों में जाते हैं।
विभाग ने कहा कि उसे सूचना मिली है कि तीन शवों को बरामद कर लिया गया है जिन्हें साथी मजदूर खदान से बाहर लाए थे।
पुलिस ने कहा कि अन्य 16 संदिग्ध अवैध खनन मजदूरों ने खुद को प्राधिकारियों के हवाले कर दिया है जोकि खदान में मौजूद थे।
प्राधिकारियों ने कहा कि उनका मानना है कि खदान मजदूर पड़ोसी देश लेसोथो के नागरिक हैं। लेसोथो के विदेश मंत्रालय ने हाल ही में घटना के बारे में दक्षिण अफ़्रीकी प्राधिकारियों को जानकारी दी।
मंत्रालय ने कहा कि यह खदान दक्षिण अफ्रीका की सबसे बड़ी सोना खनन कंपनी हारमनी के पास थी जिसमें आखिरी बार परिचालन वर्ष 1990 के दशक में हुआ था। यह केंद्रीय फ्री स्टेट प्रांत के वेलकम शहर में स्थित है।
एपी अभिषेक
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)












QuickLY