नयी दिल्ली, 11 सितंबर बंदरगाह, पोत परिवहन एवं जलमार्ग और आयुष मंत्री सर्बानंद सोनोवाल की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल रूस के सुदूर पूर्व में स्थित व्लादिवोस्तक में होने वाली 'पूर्वी आर्थिक मंच' (ईईएफ) की बैठक में भाग लेने के लिए सोमवार को रवाना हो गया।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, ईईएफ की आठवीं बैठक में हिस्सा लेने के लिए भारतीय प्रतिनिधिमंडल यहां से मॉस्को के लिए रवाना हो गया। प्रतिनिधिमंडल में विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।
इस बैठक में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी शामिल होंगे। सोनोवाल अपने तीन-दिवसीय दौरे पर कारोबारी दिग्गजों और विदेशी साझेदारों से भी बातचीत करेंगे।
ईईएफ की 13 सितंबर तक चलने वाली बैठक में चीन, लाओस, मंगोलिया और ‘आसियान’ देशों के प्रतिनिधि भी शामिल हो रहे हैं।
रूसी राष्ट्रपति कार्यालय 'क्रेमलिन' ने एक बयान में कहा कि पुतिन इस बैठक के लिए व्लादिवोस्तक में 11-12 सितंबर तक मौजूद रहेंगे। पुतिन 12 सितंबर को एक पूर्ण सत्र को संबोधित करेंगे। पुतिन इस दौरान विभिन्न देशों के प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों से द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे।
हालांकि, अभी यह नहीं पता चल पाया है कि सोनोवाल की पुतिन से मुलाकात होगी या नहीं।
सूत्रों ने कहा कि रूस ने व्लादिवोस्तक बंदरगाह पर भारत की मौजूदगी में रुचि दिखाई है। रूस समुद्री संबंधों को बढ़ावा देने के लिए चेन्नई-व्लादिवोस्तक समुद्री गलियारे को अधिक रफ्तार देने की इच्छा रखता है।
व्लादिवोस्तक प्रशांत महासागर पर रूस का सबसे बड़ा बंदरगाह है और यह चीन-रूस सीमा से लगभग 50 किमी दूर ही स्थित है।
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