जरुरी जानकारी | सोनोवाल ने बंदरगाह क्षेत्र में कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए ‘हरितसागर’ दिशानिर्देश जारी किए

नयी दिल्ली, 10 मई बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने शून्य कार्बन उत्सर्जन लक्ष्य हासिल करने के व्यापक दृष्टिकोण को पूरा करने के प्रयासों के तहत बुधवार को हरित बंदरगाह दिशानिर्देश 'हरितसागर' की शुरुआत की।

बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने बयान में कहा कि हरितसागर दिशानिर्देश 'प्रकृति के साथ काम करने' की अवधारणा के साथ तालमेल करते हुए बंदरगाह विकास, संचालन और रखरखाव में पारिस्थितिकी तंत्र की गतिशीलता की परिकल्पना करते हैं और बंदरगाह पारिस्थितिकी तंत्र के जैविक घटकों पर दुष्प्रभाव को कम करते हैं।

इसमें कहा गया है कि दिशानिर्देश बंदरगाह संचालन में स्वच्छ या हरित ऊर्जा के उपयोग, भंडारण के लिए बंदरगाह क्षमता विकसित करने, हरित हाइड्रोजन और हरित अमोनिया जैसे हरित ईंधन पर जोर देते हैं।

दिशानिर्देश प्रमुख बंदरगाहों के लिए एक व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के लिए एक रूपरेखा प्रदान करते हैं, जो परिभाषित समयसीमा में कार्बन उत्सर्जन में कमी, केंद्रित कार्यान्वयन और हरित पहल की करीबी निगरानी के माध्यम से सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) को प्राप्त करने के लिए लक्षित परिणाम के लिए एक रूपरेखा प्रदान करते हैं।

मंत्रालय ने कहा कि दिशानिर्देशों का उद्देश्य बंदरगाह संचालन से शून्य अपशिष्ट निकासी स्तर प्राप्त करने और पर्यावरण प्रदर्शन संकेतकों के आधार पर निगरानी को बढ़ावा देने के लिए कचरे को कम करना, पुन: उपयोग और पुनर्चक्रण करना है।

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