देश की खबरें | सोनिया, राहुल को एजेएल-वाईआई की 5,000 करोड़ रुपये संपत्ति का ‘लाभकारी मालिक’ पाया गया: ईडी

नयी दिल्ली, 15 अप्रैल प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ‘नेशनल हेराल्ड’ मामले में अपने आरोपपत्र में कहा है कि कांग्रेस नेताओं ने इसकी मूल कंपनी एजेएल की 2,000 करोड़ रुपये की संपत्ति ‘हड़पने’ के लिए ‘आपराधिक साजिश’ रची थी और इसके लिए उन्होंने 99 प्रतिशत शेयर महज 50 लाख रुपये में अपनी उस निजी कंपनी ‘यंग इंडियन’ को हस्तांतरित कर दिए, जिसमें सोनिया गांधी और राहुल गांधी बहुलांश शेयरधारक हैं।

विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने की अदालत में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की विभिन्न धाराओं के तहत दायर अभियोजन शिकायत में संघीय जांच एजेंसी ने कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी को आरोपी संख्या एक और उनके बेटे एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को आरोपी संख्या दो बनाया है।

नौ अप्रैल को दाखिल ईडी के आरोपपत्र में अन्य आरोपियों में कांग्रेस नेता सुमन दुबे और सैम पित्रोदा, दो कंपनियां यंग इंडियन (वाईआई) और डोटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड और (डोटेक्स मर्चेंडाइज के) सुनील भंडारी शामिल हैं।

ईडी ने पीएमएलए की धाराओं 44 और 45 के तहत ‘‘धनशोधन के अपराध को अंजाम देने’’ के साथ ही धारा 70 (कंपनियों द्वारा अपराध) के तहत आरोपपत्र दाखिल किया है। ईडी ने पीएमएलए की धारा चार के तहत आरोपियों के लिए सजा की मांग की है। इस धारा के तहत सात साल तक जेल हो सकती है।

अदालत ने मामले की सुनवाई 25 अप्रैल को तय की है।

यह संभवतः पहली बार है जब ईडी का धनशोधन मामला अधीनस्थ अदालत द्वारा एक निजी शिकायत का संज्ञान लेने और उसके बाद मुकदमा शुरू करने के लिए आरोपियों को समन जारी करने से उपजा है।

एजेंसी आमतौर पर पीएमएलए के तहत, अधिनियम की अनुसूची ए और बी में सूचीबद्ध अपराध का संज्ञान लेती है।

सूत्रों ने ‘पीटीआई-’ को बताया कि ईडी ने इस मामले में 988 करोड़ रुपये ‘‘अपराध से अर्जित आय’’ और संबद्ध संपत्तियों का मौजूदा बाजार मूल्य 5,000 करोड़ रुपये बताया है।

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