मंगलवार को तख्ता पलट करने वाले सैनिकों ने खुद को कर्नल मेजर इस्माइल वेग के नेतृत्व वाली 'नेशनल कमेटी फॉर सेल्वेशन ऑफ द पीपुल' का हिस्सा बताया है।
वेग ने बीती रात सरकारी प्रसारक ओआरटीएम पर बयान जारी किया जिसमें कहा गया है, ''हम आपके साथ खड़े हैं। हम इस देश को दोबारा महान बना सकते हैं।''
उन्होंने कहा कि सीमाएं बद कर दी गई हैं और रात नौ बजे से सुबह पांच बजे तक कर्फ्यू लागू रहेगा।
इससे पहले, विद्रोही सैनिकों ने मंगलवार को राष्ट्रपति आवास का घेराव किया और हवा में गोलीबारी करते हुए उन्हें बंधक बना लिया था ।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने माली की स्थिति पर चर्चा के लिए बुधवार दोपहर एक बैठक बुलाई है। माली में संयुक्त राष्ट्र के 15,600 शांति मिशन है।
कीता ने आधी रात से कुछ वक्त पहले सरकारी टेलीविजन ‘ओआरटीएम’ पर कहा कि उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से लागू होगा।
कीता ने कहा, ‘‘ मैं चाहता हूं कि मुझे सत्ता में रखने के लिए रक्त न बहाया जाए। मैंने अपना पद छोड़ने का फैसला किया है।’’
उन्होंने घोषणा की कि उनकी सरकार और नेशनल असेम्बली भंग हो जाएगाी।
माली के राष्ट्रपति को लोकतांत्रिक रूप से चुना गया था और उन्हें पूर्व उपनिवेशवादी फ्रांस और अन्य पश्चिमी सहयोगियों से व्यापक समर्थन प्राप्त है। सैनिकों द्वारा शस्त्रागार से हथियार जब्त कर बमाको का रुख करने के बाद राष्ट्रपति के पास इस्तीफे के अलावा, और कोई विकल्प नहीं रह गया था।
एपी जोहेब मनीषा
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