जरुरी जानकारी | किसानों की कम बिकवाली से खाद्य तेल-तिलहन कीमतों में मामूली सुधार

नयी दिल्ली, छह मई आयातित खाद्यतेल के सस्ते होने के कारण मांग निकलने से दिल्ली तेल- तिलहन बाजार में शनिवार को मूंगफली को छोड़कर बाकी लगभग सभी तेल-तिलहन के भाव में मजबूती रही। ऊंचे भाव के कारण मांग कमजोर रहने से मूंगफली तेल-तिलहन के दाम में मामूली गिरावट आई।

बाजार सूत्रों ने कहा कि एक ओर अधिक लागत वाले मूंगफली-तेल तिलहन की मांग कमजोर रहने से इसके भाव कमजोर बंद हुए, वहीं आयातित तेलों के भाव बेहद कमजोर होने के कारण इन तेलों की कुछ मांग निकलने से सोयाबीन, सरसों तेल तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन, बिनौला तेल के भाव सुधार दर्शाते बंद हुए।

सूत्रों ने कहा कि सरकार की पहल के बाद तेल कंपनियों ने अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) में कमी की है, लेकिन सोचने की बात है कि एक साल उन्होंने कोई प्रयास क्यों नहीं किया। कमी के बाद भी जो एमआरपी है, वह अधिक ही है।

सूत्रों ने कहा कि मूंगफली तेल को छोड़कर बाकी सभी खाद्यतेल का अधिकतम एमआरपी 110-118 रुपये लीटर से अधिक नहीं होना चाहिये, जिसमें प्रीमियम क्वालिटी का खाद्यतेल भी शामिल है। जिस तरह तेल कीमतों के महंगे होने पर सरकार ने तेल उद्योग के सभी कारोबारियों को एक पोर्टल पर अपने खाद्यतेल स्टॉक का खुलासा करने को कहा था, उसी तरह एमआरपी की सतत निगरानी के लिए सिर्फ कंपनियों और पैकरों के लिए पोर्टल पर अपने एमआरपी का खुलासा करवाना चाहिये।

उन्होंने कहा कि इससे सरकार के साथ-साथ कारोबरियों और उपभोक्ताओं को एमआरपी की सही जानकारी उपलब्ध रहेगी और किसी ने इसे जरुरत से ज्यादा बढ़ाया तो उसको आसानी से चिन्हित कर रोका जा सकेगा। इस व्यवस्था से सरकार को एमआरपी की जानकारी आसानी से मिल सकेगा।

सूत्रों ने कहा कि अगर तेल संगठन किसी कारण से चुप रहें, तो खुद तेल उद्योग को सरकार से बोलना चाहिये कि वे पैकरों को किस दाम पर बेचते हैं और पैकर उस तेल को एमआरपी की आड़ में खुदरा बाजार में अधिक दाम पर बेच रहे हैं।

उन्होंने कहा कि किसानों को इसका फायदा इसलिए नहीं मिल रहा क्योंकि सस्ते आयातित तेलों के आगे उनके देशी तिलहन बाजार में खप नहीं रहे हैं। सरसों के मामले में तो किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से भी कम दाम पर बेचने की मजबूरी हो रही है। तीसरा उपभोक्ताओं को एमआरपी के कारण खाद्यतेल महंगे में खरीदना पड़ रहा है। यानी सभी नुकसान में हैं, केवल तेल पैकरों की चांदी है। इन सभी समस्याओं का समाधान एक निर्दिष्ट पोर्टल पर एमआरपी का खुलासा करने की व्यवस्था से संभव है।

सूत्रों ने कहा कि अगले महीने देश में हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश से सूरजमुखी की फसल मंडियों में आयेगी। इस देशी सूरजमुखी तेल की लागत लगभग 150 रुपये किलो बैठेगी, लेकिन आयातित सूरजमुखी तेल बंदरगाह पर 88 रुपये किलो मिल रहा है। फिर देशी सूरजमुखी कहां खपेगा? सूरजमुखी का एमएसपी 6,400 रुपये क्विंटल है।

सूत्रों ने कहा कि इस साल खाद्यतेलों के आयात का पुराना रिकॉर्ड टूट सकता है क्योंकि सरसों सहित अन्य देशी तिलहन तो खपेंगे नहीं और तब तेल की कमी को पूरा करने के लिए आयात करना ही विकल्प रह जायेगा। लेकिन इन सबके बीच किसानों का क्या होगा और उनके भरोसे को कैसे बहाल करना है इसके बारे में सभी को सोचना होगा।

उन्होंने कहा कि सस्ते आयातित तेलों के आगे देशी तेल तिलहन के न खपने की मुसीबत के बीच साल्वेंट एक्स्ट्रैक्टर्स एसोसिएशन (एसईए) ने भी अभी छह अप्रैल तक सरसों डीआयल्ड केक (डीओसी) के निर्यात के आंकड़े नहीं जारी किये हैं, जबकि आम तौर पर महीने की पहली-दूसरी तारीख को आंकड़े जारी कर दिये जाते हैं। इस आंकड़े से पता चलता कि सरसों की कितनी पेराई हुई है।

शनिवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन - 5,150-5,250 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल। मूंगफली - 6,700-6,760 रुपये प्रति क्विंटल। मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 16,550 रुपये प्रति क्विंटल। मूंगफली रिफाइंड तेल 2,505-2,770 रुपये प्रति टिन। सरसों तेल दादरी- 9,700 रुपये प्रति क्विंटल। सरसों पक्की घानी- 1,625-1,705 रुपये प्रति टिन। सरसों कच्ची घानी- 1,625-1,735 रुपये प्रति टिन। तिल तेल मिल डिलिवरी - 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल। सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 10,650 रुपये प्रति क्विंटल। सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 10,350 रुपये प्रति क्विंटल। सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 9,000 रुपये प्रति क्विंटल। सीपीओ एक्स-कांडला- 8,900 रुपये प्रति क्विंटल। बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 9,300 रुपये प्रति क्विंटल। पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 10,300 रुपये प्रति क्विंटल। पामोलिन एक्स- कांडला- 9,400 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल। सोयाबीन दाना - 5,385-5,435 रुपये प्रति क्विंटल। सोयाबीन लूज- 5,135-5,215 रुपये प्रति क्विंटल। मक्का खल (सरिस्का)- 4,010 रुपये प्रति क्विंटल।

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