जयपुर, तीन जून राजस्थान के अजमेर में दुष्कर्म, धमकाने और जबरन वसूली के आरोप में छह लोगों को गिरफ्तार किया गया और एक नाबालिग को हिरासत में लिया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी।
अजमेर के जिला पुलिस अधीक्षक देवेंद्र विश्नोई ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ 31 मई को क्रिश्चियनगंज थाने में मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद मुख्य आरोपी इरफान और एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया और रविवार को एक नाबालिग को हिरासत में लिया गया।
अजमेर के वृत्त अधिकारी (उत्तर) और जांच अधिकारी रुद्र प्रकाश शर्मा ने बताया कि सोमवार को चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
उन्होंने बताया कि 31 मई को दर्ज प्राथमिकी में सात आरोपियों के नाम थे, जिनमें से छह को गिरफ्तार कर लिया गया है और एक नाबालिग हिरासत में है।
शर्मा ने बताया कि मुख्य आरोपी ने पिछले साल दिसंबर में इंस्टाग्राम पर एक नाबालिग लड़की से दोस्ती की थी। उन्होंने बताया आरोपी ने लड़की की इंस्टाग्राम आईडी का पासवर्ड मांगा और उसके दोस्तों को संदेश भेजे। आरोपी ने लड़की की तस्वीरों से छेड़छाड़ की और उसे धमका कर उसके साथ दुष्कर्म किया।
अधिकारी ने बताया कि लड़की का तीन से चार महीने तक शोषण जारी रहा और बाद में उससे पैसे भी ऐंठे गए।
उन्होंने बताया कि मामले का मुख्य आरोपी इरफान है, जबकि अन्य आरोपी उसके साथी हैं और उनकी भूमिका की जांच की जा रही है।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पीड़िता के पिता ने लड़की को पैसे चुराते देख लिया था जिसके बाद उन्होंने उससे पूछताछ की और मामला प्रकाश में आया और प्राथमिकी दर्ज की गई। उन्होंने बताया कि आरोपी आजीविका चलाने के लिए छोटे-मोटे काम करते हैं।
विश्नोई ने बताया कि मुख्य आरोपी आनासागर झील के पास ‘सेवन वंडर्स’ पार्क में फोटो खींचने का काम करता है। इस दौरान वह लड़कियों से दोस्ती गांठ लेता था।
अजमेर की पुलिस महानिरीक्षक लता मनोज कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच के लिए एसआईटी गठित की है, ताकि पता लगाया जा सके कि कहीं आरोपियों ने ऐसी अन्य घटनाओं को तो अंजाम नहीं दिया।
इस बीच, भाजपा ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर प्रदर्शन किया और पुलिस अधिकारी को ज्ञापन देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
भाजपा के जिला अध्यक्ष रमेश सोनी ने कहा कि मामले की विस्तृत जांच होनी चाहिए, ताकि 1992 के ‘सेक्स एंड ब्लैकमेल’ कांड जैसी घटना दोबारा न हो। उस मामले में कई लड़कियों के साथ दुष्कर्म और ब्लैकमेल किया गया था।
अजमेर नगर निगम के उप महापौर नीरज जैन ने कहा कि पुलिस को जांच का दायरा बढ़ाकर यह पता लगाना चाहिए कि प्राथमिकी में दर्ज आरोपियों के अलावा इस मामले में और कितने लोग शामिल हैं।
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