इंदौर (मध्य प्रदेश), दो अक्टूबर उत्तर प्रदेश के हाथरस सामूहिक बलात्कार कांड की पीड़िता के हिंदू रीति-रिवाजों के खिलाफ रात में कथित रूप से जबरन दाह संस्कार पर केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत ने शुक्रवार को कुछ भी कहने से इनकार किया। उन्होंने पीड़िता के गांव में मीडिया का प्रवेश रोके जाने को लेकर भी टिप्पणी से परहेज किया।
गहलोत ने यहां इस बारे में पूछे गए सवालों पर संवाददाताओं से कहा, "किन परिस्थितियों में ये घटनाएं हो रही हैं, किन परिस्थितियों में (मीडिया को) रोका जा रहा है और किन परिस्थितियों में (रात के वक्त पीड़िता का) अंतिम संस्कार किया गया, मैं इस बारे में कुछ भी कहना नहीं चाहता।"
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गौरतलब है कि हाथरस में सामूहिक बलात्कार की शिकार 19 वर्षीय दलित लड़की की मौत इस घटना के पखवाड़े भर बाद दिल्ली के एक अस्पताल में हो गई थी और बुधवार रात उसका दाह संस्कार कर दिया गया था। उसके परिवार का आरोप है कि स्थानीय पुलिस ने रात में उसका जबरन अंतिम संस्कार करा दिया।
केंद्रीय मंत्री ने हालांकि कहा कि हाथरस कांड को उत्तर प्रदेश सरकार ने गंभीरता से लेते हुए दोषियों को अदालत से कठोर सजा दिलाने का निर्णय किया है।
उन्होंने कहा, "कानून अपना काम कर रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले (हाथरस कांड) में विशेष जांच दल (एसआईटी) बना दिया है एसआईटी तहकीकात कर रही है।"
देश में बलात्कार की बढ़ती घटनाओं पर गहलोत ने कहा, "कई राज्यों में इस प्रकार की घटनाएं हो रही हैं। राजस्थान में ऐसी घटनाएं उत्तर प्रदेश से ज्यादा हुई हैं।"
बहरहाल, केंद्रीय मंत्री ने अपने गृह राज्य मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में तीन लोगों द्वारा नाबालिग लड़की से हाल ही में सामूहिक बलात्कार किए जाने की घटना के बारे में पूछे जाने पर कहा कि उन्हें अब तक इस घटना की जानकारी नहीं है।
उन्होंने कहा, "आप (मीडिया) बता रहे हैं, तो मैं अब खरगोन की घटना की जानकारी लूंगा।"
इसके अलावा, गहलोत ने नए कृषि कानूनों को किसानों के हित में बताते हुए आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल बिना किसी आधार के इनका साजिशन विरोध कर रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री ने एक सवाल पर कहा कि नए कृषि कानूनों के विरोध में शिरोमणि अकाली दल के भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन से अलग होने पर इस सत्तारूढ़ गठबंधन को कोई नुकसान नहीं होगा।
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