नयी दिल्ली, एक अगस्त टीका निर्माता कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) ने केंद्र को बताया है कि वह दिसंबर 2022 तक गर्भाशय-ग्रीवा के कैंसर के खिलाफ अपनी स्वदेश निर्मित ‘क्वाड्रिवेलेंट ह्यूमैन पैपिलोमावायरस वैक्सीन’ (क्यूएचपीवी) की एक करोड़ खुराकों की आपूर्ति कर सकती है।
सूत्रों ने सोमवार को बताया कि एसआईआई में सरकार और नियामक मामलों के निदेशक प्रकाश कुमार सिंह ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को पत्र लिखकर राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के तहत दिसंबर 2022 तक क्यूएचपीवी की एक करोड़ खुराकों की आपूर्ति करने की पुष्टि की है।
सिंह ने अपने पत्र में लिखा है कि एसआईआई किफायती दर पर टीके की आपूर्ति करेगी लेकिन वह ऑनलाइन निविदा की प्रक्रिया शुरू होने से पहले कीमत का खुलासा नहीं कर सकती है।
भारत के औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) ने क्यूएचपीवी के निर्माण के लिए एसआईआई को मंजूरी दे दी थी। टीके के दूसरे/तीसरे चरण का क्लिनिकल परीक्षण जैवप्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से पूरा हो गया है।
ऐसी जानकारी है कि सरकार की सलाहकार समिति एनटीएजीआई ने टीके के क्लिनिकल परीक्षण के आंकड़ों की समीक्षा करने के बाद क्यूएचपीवी को स्वीकृति दे दी है।
पत्र में कहा गया है कि हर साल लाखों महिलाओं को गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर होता है और मृत्य दर भी बहुत अधिक है। भारत में गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर 15 से 44 वर्ष की आयु की महिलाओं में दूसरा सबसे अधिक होने वाला कैंसर है।
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