बेंगलुरु, 17 जून कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धरमैया ने भारत-चीन सीमा पर हिंसक झड़प के संबंध में प्रधानमंत्री की ‘चुप्पी’ को ‘जनविरोधी’ और ‘अपमानित’ करनेवाला करार दिया।
उन्होंने भारत-चीन संघर्ष को लेकर इसी तरह का आरोप रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पर भी लगाया।
लद्दाख की गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच झड़प में भारत के 20 सैन्यकर्मी शहीद हो गए। सिद्धरमैया ने एक के बाद एक ट्वीट करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने सीमा पर चल रहे घटनाक्रमों को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘चीन के साथ विवाद शुरू होने के करीब सात हफ्ते बीत चुके हैं।’’
सिद्धरमैया ने ट्वीट में कहा, ‘‘हालांकि, अब तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया। शासकों की चुप्पी न केवल जनविरोधी है, बल्कि अपमानित करने वाली भी है।’’
उन्होंने कहा कि सरकार नहीं बल्कि देश शत्रु राष्ट्र के खिलाफ लड़ता है और शासन देश की जनता के प्रति जवाबदेह है।
उन्होंने एक ट्वीट में कहा, ‘‘यह देश की जनता है, जिसने केंद्र सरकार में अपना भरोसा जताया है और सरकार की जिम्मेदारी है कि वह लोगों को अपने विश्वास में ले।’’
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस हमेशा देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता को लेकर प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि सैनिकों का सर्वोच्च बलिदान व्यर्थ नहीं जाना चाहिए और उन्होंने लोगों से उन बहादुर सैनिकों को श्रद्धांजलि देने को कहा जिन्होंने अपनी जिंदगी कुर्बान दी। उन्होंने लोगों से चीन की निंदा करने की भी अपील की।
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