CM Fadnavis On Women's Quota: महिला आरक्षण पर बड़ा फैसला, 2029 लोकसभा चुनाव से दिखेगा असर, फडणवीस का दावा
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य प्रशासन में कई सक्षम महिला अधिकारी हैं, लेकिन उन्हें पहले पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाए थे. उन्होंने बताया कि मौजूदा सरकार के दौरान महिलाओं ने मुख्य सचिव, वन प्रमुख, पुलिस महानिदेशक और बीएमसी आयुक्त जैसे महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है और ये सभी अपनी योग्यता के आधार पर इन पदों तक पहुंची हैं.
CM Devendra Fadnavis On Women's Quota: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को कहा कि महिला आरक्षण विधेयक को समय पर लागू करने के लिए इसमें संशोधन जरूरी थे, क्योंकि जनगणना में देरी के कारण परिसीमन (Delimitation) की प्रक्रिया प्रभावित हुई थी. फडणवीस ने एक कार्यक्रम में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर चर्चा करते हुए कहा कि जनगणना प्रक्रिया में देरी हुई, जिससे परिसीमन का शेड्यूल भी गड़बड़ा गया. ऐसी स्थिति में महिला आरक्षण 2034 या 2039 तक भी टल सकता था. उन्होंने कहा कि अगर राजनीतिक इच्छाशक्ति नहीं होती तो कोविड-19 महामारी का हवाला देकर इसे अनिश्चितकाल तक टाला जा सकता था. Fadnavis on Raj Thackeray: BMC चुनाव से पहले सीएम देवेंद्र फडणवीस का राज ठाकरे पर बड़ा बयान, कहा- नतीजों के बाद MNS प्रमुख साथ चाय पीएंगे
उन्होंने बताया कि अब यह तय किया गया है कि परिसीमन की प्रक्रिया एक साल के भीतर पूरी कर ली जाएगी और इसके लिए 2011 की जनगणना के आंकड़ों का उपयोग किया जाएगा, ताकि नई जनगणना का इंतजार न करना पड़े. इन बदलावों के चलते महिला आरक्षण अब 2029 के आम चुनाव से लागू होगा और इसमें आगे देरी नहीं होगी.
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि वे परिसीमन का विरोध कर रहे हैं, जबकि दावा करते हैं कि वे महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं हैं. उन्होंने कहा कि यदि परिसीमन लागू नहीं होगा तो महिला आरक्षण भी लागू नहीं हो सकेगा. ऐसे लोग वास्तव में महिलाओं के प्रतिनिधित्व का विरोध कर रहे हैं.
फडणवीस ने विश्वास जताया कि इन बदलावों से संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी में बड़ा इजाफा होगा. उन्होंने कहा कि भले ही विधेयक में 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है, लेकिन 2029 के लोकसभा चुनाव में महिलाओं की हिस्सेदारी करीब 40 प्रतिशत तक पहुंच सकती है और उनकी आवाज और मजबूत होगी.
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य प्रशासन में कई सक्षम महिला अधिकारी हैं, लेकिन उन्हें पहले पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाए थे. उन्होंने बताया कि मौजूदा सरकार के दौरान महिलाओं ने मुख्य सचिव, वन प्रमुख, पुलिस महानिदेशक और बीएमसी आयुक्त जैसे महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है और ये सभी अपनी योग्यता के आधार पर इन पदों तक पहुंची हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 15, 2026 10:05 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

