Raj Thackeray On DJ Culture: राज ठाकरे ने महाराष्ट्र के त्योहारों में डीजे संस्कृति पर उठाए सवाल, बोले- परंपरा के अनुसार मनाएं उत्सव; गणेशोत्सव से पहले दंगों की आशंका भी जताई
राज ठाकरे ने आगामी गणेशोत्सव और अन्य त्योहारों के दौरान सांप्रदायिक तनाव भड़काने की संभावित कोशिशों को लेकर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि कुछ लोग ऐसे हालात पैदा करने की कोशिश कर सकते हैं ताकि लोगों का ध्यान अन्य मुद्दों से हटाया जा सके. उन्होंने हाल की कुछ घटनाओं का जिक्र करते हुए हिंदू और मुस्लिम समुदाय के जागरूक लोगों से सतर्क रहने की अपील की.
Raj Thackeray On DJ Culture: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे ने महाराष्ट्र में त्योहारों के दौरान बढ़ते डीजे कल्चर और स्टेज पर होने वाले कार्यक्रमों पर सवाल उठाए हैं. रविवार को ठाणे में MNS कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के त्योहार राज्य की पारंपरिक संस्कृति के अनुसार मनाए जाने चाहिए. इसके साथ ही उन्होंने गणेशोत्सव 2026 के दौरान दंगे भड़काने की संभावित कोशिशों को लेकर भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी. Raj Thackeray on Hindi Language: 'हम हिंदू हैं, हिंदी नहीं': महाराष्ट्र में नई शिक्षा नीति पर गरजे राज ठाकरे, सरकार को दी गंभीर चेतावनी
डीजे संस्कृति पर उठाए सवाल
राज ठाकरे ने कहा कि त्योहारों के दौरान डीजे पर महिलाओं का स्टेज पर नृत्य करना महाराष्ट्र की परंपरा का हिस्सा नहीं है. उन्होंने दावा किया कि इस तरह की संस्कृति उत्तर प्रदेश और बिहार से जुड़ी हुई है और सवाल किया कि इसे महाराष्ट्र के त्योहारों में क्यों अपनाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि लोग त्योहार जरूर मनाएं, लेकिन उन्हें अपनी पारंपरिक संस्कृति और रीति-रिवाजों के अनुसार मनाना चाहिए.
गणपति उत्सव की परंपरा का किया जिक्र
राज ठाकरे ने गणपति उत्सव की भावनात्मक अहमियत का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि डेढ़ दिन के गणपति विसर्जन के बाद उनका घर खाली-खाली महसूस होता है और यही इस पर्व की भावनात्मक विशेषता है. उन्होंने कहा कि त्योहार खुशी मनाने का अवसर हैं, लेकिन यह भी जरूरी है कि उत्सव अपनी सांस्कृतिक परंपराओं के अनुरूप मनाए जाएं.
लेजर लाइट और तेज आवाज पर भी जताई चिंता
MNS प्रमुख ने त्योहारों में इस्तेमाल होने वाली लेजर लाइट और तेज आवाज वाले साउंड सिस्टम पर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि लेजर लाइट लोगों की आंखों को नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि अत्यधिक तेज आवाज हृदय रोग से पीड़ित लोगों के लिए खतरा बन सकती है.
राज ठाकरे ने कहा कि यह सोचने की जरूरत है कि हमारे त्योहार किस दिशा में जा रहे हैं. उन्होंने लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक द्वारा सार्वजनिक गणेशोत्सव शुरू करने के उद्देश्य का भी उल्लेख किया और कहा कि धर्म के प्रति जागरूक रहना चाहिए, लेकिन धार्मिक कट्टरता से बचना भी जरूरी है.
डीजे पर प्रतिबंध को लेकर सरकार से सवाल
राज ठाकरे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के उस कथित बयान पर भी सवाल उठाया, जिसमें कहा गया था कि कानून बनाकर डीजे पर प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता. उन्होंने पूछा कि यदि कानूनी रूप से डीजे पर प्रतिबंध संभव नहीं है, तो नागपुर में डीजे पर रोक कैसे लगाई गई. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर सरकार को स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए.
गणेशोत्सव के दौरान दंगों की आशंका जताई
राज ठाकरे ने आगामी गणेशोत्सव और अन्य त्योहारों के दौरान सांप्रदायिक तनाव भड़काने की संभावित कोशिशों को लेकर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि कुछ लोग ऐसे हालात पैदा करने की कोशिश कर सकते हैं ताकि लोगों का ध्यान अन्य मुद्दों से हटाया जा सके. उन्होंने हाल की कुछ घटनाओं का जिक्र करते हुए हिंदू और मुस्लिम समुदाय के जागरूक लोगों से सतर्क रहने की अपील की. राज ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र की सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखना जरूरी है और त्योहारों को उसी भावना के साथ मनाया जाना चाहिए, जिसके लिए वे शुरू किए गए थे.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 06, 2026 05:36 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

