लंदन, 28 अप्रैल इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन का मानना है कि इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) को कोविड-19 से प्रभावित मौजूदा सत्र को छोटा करने के अलावा अगले दो साल तक विदेशी खिलाड़ियों के करार को रद्द करने पर विचार करना चाहिए ताकि लागत को कम किया जा सके।
कोरोना वायरस संक्रमण के कारण ईसीबी ने पहले ही एक जुलाई तब सभी तरह की क्रिकेट गतिविधियों पर रोक लगा दी है।
इस फैसले का मतलब हुआ कि काउंटी मुकाबले के नौ दौर के मैचों का आयोजन नहीं हो सकेगा। इससे काउंटी टीमों को साढ़े आठ करोड़ पाउंड (आठ अरब रुपये से अधिक) का नुकसान होगा।
वान ने ‘बीबीसी रेडियो फाइव लाइव’ के ‘टुफर्स एंड वान’ कार्यक्रम में कहा, ‘‘ आपको हर उस चीज पर नजर रखनी होगी जहां से आप कुछ बचत कर सकते है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘परंपरावादी लोगों को इससे परेशानी हो सकती है लेकिन ये अभूतपूर्व समय हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ क्या अगले दो वर्षों में आप चार दिवसीय मैचों को बिना विदेशी खिलाड़ी के नहीं देख सकते हैं?’’
कई काउंटी टीमों ने पहले ही विदेशी खिलाड़ियों के करार को रद्द कर दिया है जिसमें भारतीय खिलाड़ी चेतेश्वर पुजारा और रविचंद्रन अश्विन भी शामिल है।
वान 2003 से 2008 तक इंग्लैंड का नेतृत्व किया था। उन्होंने काउंटी चैम्पियनशिप को 14 से 10 मैच का करने का सुझाव दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘ चार दिवसीय मैच में खर्च होता है। अगले दो साल तक आप 14 की जगह 10 मैच करा सकते है। मुझे नहीं लगता कि इसमें कोई परेशानी होनी चाहिए।’’
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