उन्होंने कोरोना महामारी के दौरान प्रतिभूति बाजारों में आये कई बदलाव के बारे में बताया।
त्यागी ने निवेश और प्रतिभूति कानून में एलएलएम को लेकर आयोजित उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान कहा, ‘‘इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से ट्रेडिंग ने पारंपरिक तरीके से किये जाने व्यापार की जगह ले ली है। नए उत्पादों और सेवाओं का उदय हुआ है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग का उपयोग करने वाली रणनीतियाँ भी इस दौरान चलन में आईं।’’
कार्यक्रम का आयोजन नेशनल इंस्टीट्यूट आफ सियकफरिटीज मार्किट्स (एनआईएसएम) और महाराष्ट्र नेशनल ला यूनिवर्सिट(एमएनएलयू) ने किया।
उन्होंने कहा, ‘‘कोविड के दौरान हम स्थिति में और बदलाव देख सकते हैं। हम बाजार में खुदरा निवेशकों की बढ़ती संख्या देख रहे हैं। मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक के जरिये शेयर कारोबार में तेजी आई है।’’
त्यागी के अनुसार कई वर्षों से जारी इन परिवर्तनों ने यह साबित किया है कि भारतीय प्रतिभूति बाजार के लिए भारत में मौजूद कानून सबसे गतिशील कानूनों में से एक हैं।
सेबी प्रमुख ने कहा कि दुनिया भर की कंपनियां अब बैंक वित्त के बजाय अपनी कॉर्पोरेट जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रतिभूति बाजारों पर अधिक से अधिक भरोसा कर रही हैं।
छात्रों को संबोधित करते हुए त्यागी ने कहा कि प्रतिभूति कानून एक अलग तरह की विविधता और गतिशीलता प्रदान करते हैं।
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