गुवाहाटी, पांच अप्रैल असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने शनिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूर्वोत्तर राज्यों को अपार ‘शक्ति’ दी है और अगले 20 वर्षों में यह देश में सबसे विकसित क्षेत्र होगा।
उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर में सड़कों, राजमार्गों और रेलवे नेटवर्क का विस्तार किया गया है और ‘यह क्षेत्र के लिए एक स्वर्णिम काल है’।
मुख्यमंत्री ने कहा, “2014 से पहले पूर्वोत्तर राज्यों की सरकारों के पास कोई शक्ति नहीं थी लेकिन प्रधानमंत्री ने हमें इतनी शक्ति दी है कि ये अष्टलक्षी राज्य देश के सबसे विकसित राज्यों में शामिल होंगे।”
शर्मा ने अरुणाचल प्रदेश के आलो में गालो जनजाति के मोपिन महोत्सव के मुख्य समारोह में भाग लेते हुए कहा कि दशकों से अपर्याप्त बुनियादी ढांचे व निवेश, विशेष रूप से संपर्क क्षेत्र ने पूर्वोत्तर के विकास में बाधा उत्पन्न की, जिससे यह आर्थिक रूप से पिछड़ा और भौगोलिक रूप से अलग-थलग पड़ गया था।
शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री की ‘परिवहन के माध्यम से परिवर्तन’ और ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ जैसी योजनाओं ने संपर्क, बुनियादी ढांचे और आर्थिक एकीकरण में अभूतपूर्व विकास किया है।
शर्मा ने कहा, “इस अभूतपूर्व बदलाव ने इस क्षेत्र के लिए विशाल संभावनाओं को खोल दिया, जिससे यह एक दूरस्थ क्षेत्र नहीं बल्कि दक्षिण-पूर्व एशिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं के प्रवेश द्वार के रूप में स्थापित हो चुका है।”
उन्होंने कहा कि अरुणाचल प्रदेश देश का अग्रणी ‘हाइड्रोकार्बन’ राज्य बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, साथ ही यह विदेशियों के लिए एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में भी उभर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “प्रधानमंत्री ने प्रगति की यात्रा में राज्यों को समान भागीदार बनाकर क्षेत्र के विकास के लिए कई पहल की हैं। हमें जल्द से जल्द उनके मार्गदर्शन में अग्रणी क्षेत्र बनने का प्रयास करना चाहिए।”
शर्मा ने कहा कि असम और अरुणाचल प्रदेश न केवल भौगोलिक रूप से बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी करीब हैं।
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