देश की खबरें | एसजीपीसी ने संयुक्त राष्ट्र से 2021 को अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार वर्ष घोषित करने की अपील की

अमृतसर, 31 मार्च शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) ने अपने विभिन्न प्रस्तावों में केंद्र से हाल के तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने और संयुक्त राष्ट्र से गुरू तेग बहादुर के 400 वें जयंती वर्ष 2021 को ‘अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार वर्ष’ घोषित करने की अपील की है।

एसजीपीसी ने मंगलवार को एक प्रस्ताव में कहा, ‘‘देश में कृषि की उपेक्षा नहीं की जा सकती है, क्योंकि किसान तमाम मुश्किलों के बाद भी खाद्यान्न का उत्पादन करके देश एवं दुनिया को खिलाते हैं। केंद्र द्वारा पारित काले कानून किसानों को बर्बाद कर देंगे इसलिए उन्हें तत्काल वापस लिया जाना चाहिए।’’

समिति ने नौंवे सिख गुरू की 400 वीं जयंती से एक महीने पहले पारित एक अन्य प्रस्ताव में संयुक्त राष्ट्र से 2021 को ‘अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार वर्ष’ घोषित करने की अपील की।

ये प्रस्ताव समिति की प्रमुख बीबी जागीर कौर ने पेश किए और सदस्यों ने उन्हें पारित किया।

गुरू तेग बहादुर की जयंती मनाने के संबंध में पारित प्रस्ताव में एसजीपीसी ने केंद्र से श्री आनंदपुर साहिब में ‘विरासत-ए-खालसा’ की तर्ज पर नौंवे गुरू का अनोखा स्मारक बनाने की भी मांग की। उसने केंद्र और राज्यों से नौंवे गुरू के चार सौंवें जयंती समारोह के लिए उसे नोडल इकाई घोषित करने की भी मांग की।

करतारपुर गलियारे को फिर से खोलने को लेकर भी एक प्रस्ताव पारित किया गया।

कृषि कानूनों पर पारित प्रस्ताव में 26 जनवरी के दिन दिल्ली में किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई युवक नवरीत सिंह की मौत की निंदा की गयी तथा इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गयी।

प्रस्ताव में ट्रैक्टर रैली के दौरान पकड़े गये युवकों एवं किसानों को तत्काल रिहा करने तथा उनके विरूद्ध दर्ज मामलों को वापस लेने की भी मांग की गयी है।

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