देश की खबरें | जरूरी चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उठाए जा रहे कई कदम : सरकार
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. रसायन और उर्वरक मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को बताया कि सरकार कोविड-19 महामारी के मद्देनजर देश में कोविड-19 के नैदानिक प्रबंधन के लिए जरूरी चिकित्सा उपकरणों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है।
नयी दिल्ली, दो जुलाई रसायन और उर्वरक मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को बताया कि सरकार कोविड-19 महामारी के मद्देनजर देश में कोविड-19 के नैदानिक प्रबंधन के लिए जरूरी चिकित्सा उपकरणों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है।
रसायन और उर्वरक मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने इसके लिए जरूरी चिकित्सा उपकरणों की सूची बनाई है और देश में इनकी उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) से अनुरोध किया है।
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एनपीपीए ने जरूरी चिकित्सा उपकरणों की मूल्य वृद्धि पर नजर रखने के लिए पल्स ऑक्सीमीटर और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के निर्माताओं, आयातकों से मूल्य संबंधित आंकड़े मंगाए हैं। इससे यह सुनिश्चित हो सकेगा कि एक अप्रैल 2020 से लागू कीमत में एक वर्ष में 10 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी ना हो ।
बयान में कहा गया कि चिकित्सा उपकरण उद्योग संघों और नागरिक संस्थाओं के साथ एनपीपीए में एक जुलाई को बैठक की गयी। इसमें इस बात पर जोर दिया गया कि जरूरी चिकित्सा उपकरणों के सभी निर्माता और आयातक देश में इनकी उपलब्धता सुनिश्चित करेंगे।
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बयान के मुताबिक, यह बार-बार कहा गया है कि एक अप्रैल 2020 से सभी चिकित्सा उपकरण डीजीसीओ,2013 के तहत मूल्य विनियमन के अंतर्गत आ चुके हैं। इसलिए चिकित्सा उपकरणों की कीमत में वृद्धि पर इसके पैरा 20 के तहत नजर रखी जाएगी।
एनपीपीए अध्यक्ष शुभ्रा सिंह ने उद्योग से यह भी आग्रह किया कि यह "सामान्य रूप से चलने वाला व्यवसाय" नहीं है और सार्वजनिक स्वास्थ्य की आपात स्थिति में मुनाफाखोरी करने का भी समय नहीं है।
बयान के अनुसार चिकित्सा उपकरण उद्योग संघों से आग्रह किया गया कि वे मौजूदा स्थिति में जनहित में जरूरी चिकित्सा उपकरणों के खुदरा मूल्य को कम करें जैसा कि एन-95 मास्क के निर्माताओं और आयातकों ने किया है।
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