जरुरी जानकारी | बड़ी कंपनियों के शेयरों में बिकवाली, कमजोर वैश्विक रुख से सेंसेक्स 451 अंक लुढ़का
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. स्थानीय शेयर बाजारों में सोमवार को गिरावट रही और बीएसई सेंसेक्स लगभग 451 अंक लुढ़क गया। विदेशी संस्थागत निवेशकों की पूंजी निकासी, वैश्विक बाजारों में कमजोर रुख तथा एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और रिलांयस इंडस्ट्रीज जैसी प्रमुख कंपनियों के शेयरों में बिकवाली से बाजार नीचे आया।
मुंबई, 30 दिसंबर स्थानीय शेयर बाजारों में सोमवार को गिरावट रही और बीएसई सेंसेक्स लगभग 451 अंक लुढ़क गया। विदेशी संस्थागत निवेशकों की पूंजी निकासी, वैश्विक बाजारों में कमजोर रुख तथा एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और रिलांयस इंडस्ट्रीज जैसी प्रमुख कंपनियों के शेयरों में बिकवाली से बाजार नीचे आया।
उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 450.94 अंक यानी 0.57 प्रतिशत की गिरावट के साथ 78,248.13 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान, एक समय यह 621.94 अंक लुढ़क गया था।
सेंसेक्स गिरावट के साथ खुला। लेकिन दोपहर कारोबार में नुकसान की भरपाई कर 79,092.70 के उच्चस्तर पर पहुंच गया। लेकिन प्रमुख कंपनियों में बिकवाली से यह तेजी कायम नहीं रह पायी और सेंसेक्स नुकसान में बंद हुआ।
सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 23 नुकसान में, जबकि सात लाभ में रहे।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 168.50 अंक यानी 0.71 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,644.90 अंक पर बंद हुआ।
सेंसेक्स में शामिल शेयरों में से टाटा मोटर्स, टाइटन, टाटा स्टील, भारतीय स्टेट बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एनटीपीसी, आईसीआईसीआई बैंक, मारुति, एचडीएफसी बैंक और इन्फोसिस प्रमुख रूप से नुकसान में रहे।
दूसरी तरफ, लाभ में रहने वाले शेयरों में जोमैटो, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक और इंडसइंड बैंक शामिल हैं।
रेलिगेयर ब्रोकिंग लि. के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) अजित मिश्रा ने कहा, ‘‘सप्ताह के साथ बाजार की शुरुआत उतार-चढ़ाव के साथ हुई। अंत में यह आधा प्रतिशत से अधिक की गिरावट के साथ बंद हुआ। निफ्टी कारोबार के पहले चरण में लाभ में रहा लेकिन बाद में बिकवाली दबाव से यह नीचे आ गया।’’
छोटी कंपनियों के शेयरों से जुड़ा बीएसई स्मॉलकैप सूचकांक 0.47 प्रतिशत नीचे आया जबकि मझोली कंपनियों का सूचकांक बीएसई मिडकैप 0.13 प्रतिशत चढ़ा।
जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘एफआईआई की निकासी के कारण धारणा कमजोर होने तथा डॉलर में लगातार मजबूती से बाजार नीचे आया। आईटी और दवा कंपनियों के शेयर लाभ में रहे। इसका कारण निवेशकों ने अल्पकालिक उतार-चढ़ाव से बचने के लिए सुरक्षित माने जाने वाले शेयरों को तरजीह दी।’’
उन्होंने कहा कि ऊंचे मूल्यांकन को लेकर चिंता से बाजार पर असर पड़ रहा है। अमेरिका में आगामी मौद्रिक नीति समीक्षा तथा घरेलू कंपनियों के तिमाही वित्तीय परिणामों पर निवेशकों की नजर होगी।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने शुक्रवार को 1,323.29 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे।
एशिया के अन्य बाजारों दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की और हांगकांग का हैंगसेंग नुकसान में जबकि चीन का शंघाई कम्पोजिट बढ़त में रहा।
यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर के कारोबार में गिरावट का रुख रहा। अमेरिकी बाजार शुक्रवार को नुकसान में रहे थे।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.05 प्रतिशत की गिरावट के साथ 74.13 डॉलर प्रति बैरल रहा।
बीएसई सेंसेक्स शुक्रवार को 226.59 अंक और एनएसई निफ्टी 63.20 अंक की बढ़त में रहा था।
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(The above story first appeared on LatestLY on Dec 30, 2024 05:32 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

