औरंगाबाद, 18 जुलाई औरंगाबाद के जिलाधिकारी उदय चौधरी ने शनिवार को कहा कि जिले में पिछले नौ दिनों से लागू लॉकडाउन से प्रशासन को कोरोना वायरस के प्रसार पर काबू पाने में मदद मिली है। इस दौरान किए गए उपायों से संक्रमण फैलाने वाले "अज्ञात लोगों" का पता लगाने में सहायता मिली है।
उन्होंने कहा कि 10 से 18 जुलाई के बीच तीन हजार आरटी-पीसीआर और एंटीजन परीक्षण किए गए और 1,000 से अधिक कोविड-19 मामलों का पता लगाया गया।
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उन्होंने कहा कि इससे संक्रमण फैलने की गति धीमी हो जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे मृत्यु दर में कमी लाने में भी मदद मिली है और 16 जून को जिले में मृत्यु दर 5.61 प्रतिशत थी जो अब घटकर 3.80 प्रतिशत हो गयी है।
चौधरी ने कहा कि पहले 5,000 मामलों में 247 मौतें हुई थीं जबकि अगले 5,000 मामलों में 140 मौतें हुईं।
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जिले के ग्रामीण इलाकों में संक्रमण की स्थिति के बारे में उन्होंने कहा कि 118 गांवों में कोरोना वायरस के मामले सामने आए हैं और 19 गांवों में 10 से अधिक मामले आए हैं।
औरंगाबाद के नगर आयुक्त आस्तिक कुमार पांडेय ने कहा कि निगम की टीमें 92,000 बुजुर्ग व्यक्तियों पर ध्यान रख रही हैं।
पुलिस आयुक्त चिरंजीव प्रसाद ने कहा कि लोगों का रूख सहयोग भरा रहा है और नौ दिनों के लॉकडाउन में सरकारी कर्मियों को ड्यूटी से रोकने का कोई मामला सामने नहीं आया है। तीनों अधिकारी यहां संयुक्त रूप से संवाददाताओं को संबोधित कर रहे थे।
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