जरुरी जानकारी | सुरक्षा गार्ड एजेंसी चालाने वालों का प्रधानमंत्री से सेवा कर में छूट का आग्रह

नयी दिल्ली, दो अगस्त प्राइवेट सिक्यूरिटी सेवा इकाइयों के केंद्रीय संगठन सीएपीएसआई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इस सेवा को सेवा कर से छूट दिये जाने का आग्रह किया है।

सीएपीएसआई (सेंट्रल एसोसिएशन ऑफ प्राइवेट सिक्युरिटी इंडस्ट्री) के चेयरमैन कुंवर विक्रम सिंह ने 29 जुलाई को प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा है, ‘‘कोविड-19 के बाद नागरिकों के बीच सद्भावना दिखाते हुए निजी सुरक्षा सेवाओं को कर मुक्त घोषित किया जाना चाहिए। क्योंकि इस प्रकार की ज्यादातर सेवाएं लाखों ‘रेजिडेंट वेलफेयर एसोसएिशन’ (आरडब्ल्यूए) और लघु एवं मझोले उद्यम ले रहे हैं।’’

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उन्होंने कहा कि अगर निजी सुरक्षा उद्योग को कर भुगतान से छूट दी जाती है, इस प्रकार की सेवा लेने वाले ग्राहकों को लाभ होगा क्योंकि इससे ये सेवाएं सस्ती होंगी।

सिंह के अनुसार पर्याप्त आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था बना कर यह सुनिश्चित करना सरकार का मूल और बुनियादी कर्तव्य है कि देश का हर नागरिक स्वयं को सुरक्षित महसूस करे।

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उन्होंने पत्र में लिखा है कि सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिये पुलिस और अर्द्धसैनिक बल गठित करती है तथा इस प्रकार की सेवाओं के लिये कोई बिल नहीं भेजती।

सिंह के अनुसार देश में लोगों के मुकाबले पुलिस की संख्या कम है, ऐसे में नागरिकों को मजबूरन स्वयं की रक्षा के लिये कदम उठाने पड़ते हैं। इसके लिये वे निजी सुरक्षा एजेंसियों को भुगतान कर सेवाएं लेते हैं।

पत्र के अनुसार लोग सुरक्षा सेवाओं के लिये भुगतान करते हैं और इसके जरिये सरकार का वित्तीय बोझ कम करते है। इससे सरकार पर और पुलिस बल तैनात करने तथा अर्द्धसैनिक बलों की संख्या बढ़ाने में खर्च का बोझ नहीं पड़ता है।

सिंह ने कहा कि इस बचत पर गौर करते हुए सरकार को उन सेवाओं पर सेवा कर नहीं वसूलना चाहिए जिसे उपलब्ध कराना उनका कर्तव्य है।

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