जरुरी जानकारी | सेबी ने संबद्ध पक्ष लेनदेन, खुलासा मानदंडों के उल्लंघन को लेकर वेदांता, एचजेडएल को चेताया

नयी दिल्ली, 30 अक्टूबर भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने अरबपति उद्योगपति अनिल अग्रवाल की कंपनी वेदांता लिमिटेड और हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड (एचजेडएल) को ऑडिट कमेटी की पूर्व-मंजूरी के बिना 1,407 करोड़ रुपये के संबद्ध पक्ष लेनदेन और खुलासा करने संबंधी मानदंडों का पालन न करने को लेकर चेतावनी जारी की और कहा कि यदि भविष्य में इसे दोहराया जाता है, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

सेबी ने ऑडिट समिति की पूर्व स्वीकृति के बिना सहायक कंपनी एचजेडएल के साथ 1,407 करोड़ रुपये के संबद्ध पक्ष लेनदेन के क्रियान्वयन और मूल्य-संवेदनशील लाभांश भुगतान से संबंधित बैठक को स्थगित करने के बारे में शेयरधारकों को सूचित करने में एचजेडएल की विफलता को उजागर किया।

वेदांता ने शेयर बाजारों को भेजी सूचना में सेबी की ओर से 28 अक्टूबर को दिए गए चेतावनी पत्र की जानकारी दी है। पत्र ने कहा गया है कि यदि कंपनी ने भविष्य में भी इसे दोहराया, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

खनन समूह के स्वतंत्र लेखा परीक्षकों ने वित्त वर्ष 2020-21 के लिए कंपनी की वार्षिक रिपोर्ट में संबद्ध पक्ष लेनदेन को उजागर किया था।

लेनदेन की प्रकृति का खुलासा किए बिना कंपनी ने कहा कि इसे कारोबार के सामान्य नियमों के तहत किया गया था।

एचजेडएल को 29 अक्टूबर को लिखे पत्र में सेबी ने कहा कि कंपनी ने 2021-22 के लिए अंतरिम लाभांश पर विचार करने के लिए 17 अगस्त, 2021 को अपने बोर्ड की बैठक निर्धारित की थी। इसे 17 अगस्त को बिना कोई कारण बताए या अगली बोर्ड बैठक के लिए संभावित तारीख का संकेत दिए बिना टाल दिया गया।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)