नयी दिल्ली, 20 मार्च बाजार नियामक सेबी ने बृहस्पतिवार को कहा कि ‘अधिग्रहण विनियम’ के तहत शेयर अधिग्रहण में कुछ छूट से संबंधित रिपोर्ट ईमेल और हाल ही में जारी मध्यस्थ पोर्टल दोनों के जरिये पेश की जा सकती हैं।
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने एक परिपत्र में कहा कि यह दोहरी प्रस्तुति प्रणाली अभी से 14 मई, 2025 तक ही लागू रहेगी। इसके बाद रिपोर्ट रखने के लिए केवल ऑनलाइन पोर्टल का ही इस्तेमाल किया जाएगा।
सेबी (शेयरों का पर्याप्त अधिग्रहण और नियंत्रण) विनियम, 2011 के तहत अधिग्रहण करने वाली कंपनी को कुछ रियायतों के अनुसरण में मतदान अधिकारों की वृद्धि के संबंध में सेबी को दस्तावेजों और शुल्क के साथ एक रिपोर्ट पेश करनी होती है।
वर्तमान में ये रिपोर्ट ईमेल के माध्यम से दाखिल की जाती हैं, लेकिन नियामक ने इन रिपोर्टों को प्रस्तुत करने के लिए सेबी मध्यस्थ पोर्टल (एसआई पोर्टल) के रूप में एक ऑनलाइन प्रणाली भी शुरू की है।
सेबी ने कहा कि पहले चरण में अधिग्रहण नियमों के तहत छूट से संबंधित रिपोर्ट ईमेल और एसआई पोर्टल दोनों के माध्यम से दायर किए जा सकती हैं।
इस बीच, बाजार नियामक ने स्पष्टता लाने के लिए शेयरधारिता तरीके के खुलासा प्रावधानों में संशोधन जारी किए हैं।
सेबी ने कहा कि संशोधित प्रारूप के तहत, सूचीबद्ध कंपनियों को गैर-निपटान उपक्रमों (एनडीयू), अन्य ऋणभार और एनडीयू सहित गिरवी रखे गए या अन्यथा ऋणग्रस्त शेयरों की कुल संख्या का विवरण देना जरूरी है।
इसके अलावा वारंट, ईएसओपी और परिवर्तनीय प्रतिभूतियों को दर्शाने के लिए एक नया कॉलम जोड़ा गया है।
नए प्रावधान 30 जून, 2025 को समाप्त होने वाली तिमाही से लागू होंगी।
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