नयी दिल्ली, 27 अगस्त बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने प्रॉक्सी सलाहकारों के लिये प्रक्रियात्मक दिशानिर्देशों को लागू करने की समयसीमा को बृहस्पतिवार को एक जनवरी तक बढ़ा दिया।
नियामक द्वारा तीन अगस्त को जारी किये गये ये दिशानिर्देश एक सितंबर से लागू होने वाले थे।
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प्रॉक्सी सलाहकार कंपनी संचालन से संबंधित मुद्दों पर शेयरधारकों को सलाह देते हैं और उन्हें वोटिंग की सिफारिशों में भी सहायता करते हैं।
सेबी ने कहा, ‘‘पंजीकृत प्रॉक्सी सलाहकारों से प्राप्त अनुरोधों और कोविड-19 महामारी के कारण मौजूदा व्यापार व बाजार परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए समयसीमा बढ़ायी गयी है।’’
सेबी ने एक परिपत्र में बताया कि समयसीमा में विस्तार के बाद अब उक्त दिशानिर्देश एक जनवरी से प्रभावी होंगे।
सेबी ने अगस्त में जारी अपने परिपत्र के माध्यम से कहा था कि प्रॉक्सी सलाहकार मतदान की सिफारिश की नीतियां बनाएंगे और अपने ग्राहकों को मतदान सिफारिश की नयी नीतियों से अवगत करेंगे।
उन्हें यह सुनिश्चित करने के लिये भी कहा गया था कि नीतियों की समीक्षा कम से कम एक बार सालाना की जाये। इसके अलावा कहा गया था कि सिफारिश की नीतियों में उन परिस्थितियों का भी खुलासा करना चाहिये कि कब मतदान की सिफारिश नहीं दी जानी चाहिये।
दिशानिर्देशों के अनुसार, प्रॉक्सी सलाहकारों को अपने ग्राहकों के अनुसंधान और इसके अनुरूप सिफारिशों के विकास में प्रक्रियाओं का खुलासा करना होगा।
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