नयी दिल्ली, 26 जुलाई बाजार नियामक सेबी ने ताज जीवीके होटल्स एंड रिजॉर्ट्स लिमिटेड में 49.44 प्रतिशत हिस्सेदारी के प्रस्तावित अधिग्रहण के बाद उसके शेयरधारकों को खुली पेशकश करने के प्रावधान से तीन ट्रस्ट को छूट दे दी है।
ब्लू मून ट्रस्ट, मूनशॉट ट्रस्ट और स्टारलाइट ट्रस्ट ने अप्रैल में सेबी के पास आवेदन कर अधिग्रहण नियमों के कुछ प्रावधानों में छूट देने की मांग की थी।
इन तीनों ट्रस्ट का गठन गणपति इंदिरा कृष्णा रेड्डी परिवार के सदस्यों के बीच उत्तराधिकार योजना मुहैया कराने के लिए निजी परिवार ट्रस्ट के रूप में किया गया है।
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के आदेश के मुताबिक, ताज जीवीके होटल्स की प्रवर्तक गणपति इंदिरा कृष्णा रेड्डी इस कंपनी में अपनी 49.44 प्रतिशत हिस्सेदारी इन तीनों ट्रस्ट को हस्तांतरित करना चाहती हैं। यह अधिग्रहण सौदा पूरा होने के बाद ताज जीवीके होटल्स में ट्रस्ट की सम्मिलित हिस्सेदारी 49.44 प्रतिशत हो जाएगी।
हालांकि अधिग्रहण नियमों के तहत इस लेनदेन के लिए खुली पेशकश करनी होती है। तीनों ट्रस्ट ने सेबी से इस प्रावधान से छूट देने की मांग की थी जिसे स्वीकार कर लिया गया है।
सेबी ने अपने आदेश में कहा कि यह लेनदेन कृष्णा रेड्डी परिवार के उत्तराधिकार को दुरूस्त करने और उसके कल्याण के लिए प्रस्तावित है। इससे प्रवर्तक परिवार में किसी की भी हिस्सेदारी न तो घटेगी और न ही बढ़ेगी। इसके अलावा कंपनी के प्रबंधकीय नियंत्रण में भी कोई बदलाव नहीं होगा।
नियामक ने इन बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए तीनों ट्रस्ट को अधिग्रहण प्रावधानों के अनुपालन से छूट दे दी है।
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