नयी दिल्ली, 23 अक्टूबर बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने मूल कंपनी के साथ उसकी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनियों के प्रस्तावित विलय के मामले में एनटीपीसी को पुनर्खरीद के कुछ मानदंडों से शुक्रवार को छूट दे दी।
एनटीपीसी ने सेबी को अक्टूबर में एक आवेदन दिया था और पुनर्खरीद के मानदंडों से छूट दिये जाने की मांग की थी।
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सेबी ने एक आदेश में कहा कि एनटीपीसी की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनियों के विलय के लिये प्रदान की जाने वाली योजना के कारण आवेदन की आवश्यकता थी। एनटीपीसी के निदेशक मंडल ने एनटीपीसी के साथ नबीनगर पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड और कांती बिजली उत्पादन निगम लिमिटेड के विलय को लेकर नवंबर 2019 में एक योजना को मंजूरी दी थी।
इसके लिये, कंपनी निविदा प्रस्ताव मार्ग के जरिये मौजूदा शेयरधारकों से अपने इक्विटी शेयरों को वापस खरीदने की संभावना का पता लगाने का प्रस्ताव करती है। इसे आवश्यक मंजूरियों की जरूरत होती है। हालांकि, इस योजना में विलय के उस समय लंबित होने के कारण पुनर्खरीद नियमन के कुछ प्रावधानों की मंजूरी नहीं होती है।
कंपनी ने जिन प्रावधानों से छूट की मांग की थी, उनमें एक प्रावधान इस बारे में था जो विलय की योजना के लंबित रहने के दौरान पुनर्खरीद की किसी भी सार्वजनिक घोषणा को करने से कंपनी अधिनियम 2013 के प्रावधानों के तहत रोक लगाता है।
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