देश की खबरें | आतंकवाद की समस्या के मूल को लेकर एससीओ में गहरी समझ है: भारत

नयी दिल्ली, 15 सितंबर भारत ने बृहस्पतिवार को कहा कि शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) में आतंकवाद की प्रकृति और स्रोत को लेकर गहरी समझ है। माना जा रहा है कि आतंकवाद के स्रोत से परोक्ष इशारा पाकिस्तान की तरफ है।

विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि एससीओ का ध्यान आतंकवाद से निपटने के लिए व्यावहारिक सहयोग पर है।

उनसे पूछा गया था कि जब पाकिस्तान सक्रियता से भारत विरोधी आतंकवादी समूहों को पनाह दे रहा है और चीन संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में आतंकवादियों को प्रतिबंधित करने के प्रयासों को अवरुद्ध कर रहा है, तो ऐसे में एससीओ आतंकवाद निरोधक सहयोग को किस तरह आगे बढ़ाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बृहस्पतिवार को एससीओ के वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए उज्बेकिस्तान की राजधानी समरकंद के लिए रवाना हो गये। सम्मेलन में आतंकवाद और उग्रवाद समेत क्षेत्र के सामने मौजूद अनेक चुनौतियों पर चर्चा हो सकती है।

क्वात्रा ने कहा, ‘‘आप जानते हैं कि इस बात को देखने के अनेक तरीके हैं कि विभिन्न देश क्षेत्र में आतंकवाद की चुनौती को किस तरह देखते हैं। आपने पाकिस्तान का जिक्र किया और यह क्षेत्र में आतंकवाद की चुनौती से जुड़ा है।’’

पिछले महीने, चीन ने पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के उप प्रमुख अब्दुल रऊफ अजहर को वैश्विक आतंकवादी के रूप में नामित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक प्रस्ताव को रोक दिया था।

चीन ने जैश-ए-मोहम्मद नेता को नामित करने के भारत और अमेरिका के संयुक्त प्रस्ताव पर तकनीकी रोक लगा दी है, जो संगठन के प्रमुख मसूद अजहर का छोटा भाई है।

संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष निकाय के अन्य सभी 14 सदस्य देशों ने प्रस्ताव का समर्थन किया था।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)