नयी दिल्ली, 12 मई खगोलविदों ने कहा है कि उन्होंने अब तक के सबसे बड़े ब्रह्मांडीय विस्फोट का पता लगाया है, जिन्हें देखा जा सका है।
खगोलविदों के अनुसार यह विस्फोट तीन साल से अधिक समय तक चला। इस विस्फोट को एटी2021आईडब्ल्यूएक्स नाम दिया गया है।
शोधकर्ताओं ने कहा कि यह विस्फोट लगभग आठ अरब प्रकाश वर्ष दूर हुआ था जब ब्रह्मांड लगभग छह अरब वर्ष पुराना था। दूरबीनों के एक नेटवर्क द्वारा अब भी विस्फोट को देखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह विस्फोट किसी भी ज्ञात ‘सुपरनोवा’ या तारे में विस्फोट की तुलना में दस गुना अधिक चमकीला है।
खगोलविदों के अनुसार अधिकांश ‘सुपरनोवा’ कुछ महीनों के लिए स्पष्ट रूप से चमकता है लेकिन यह विस्फोट तीन साल से अधिक समय तक चला।
साउथेम्प्टन विश्वविद्यालय के शोधकर्ता फिलिप विस्मैन ने कहा कि संयोग से ही इस परिघटना का पता लगा और वे एक प्रकार के ‘सुपरनोवा’ की खोज कर रहे थे। उसी दौरान ‘एल्गोरिदम’ से इसकी जानकारी मिली। यह अध्ययन रॉयल एस्ट्रोनॉमिकल सोसायटी नामक पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।
विस्मैन ने एक बयान में कहा कि ज्यादातर ‘सुपरनोवा’ और अन्य ऐसी घटनाएं कुछ महीनों में ही खत्म हो जाती हैं एवं दो से अधिक साल तक चमकना असामान्य बात है।
एटी2021आईडब्ल्यूएक्स को सबसे पहले 2020 में अमेरिका के कैलिफ़ोर्निया में खोजा गया था। विस्फोट के पैमाने के बारे में अब तक ठोस जानकारी नहीं है और इस तरह के विस्फोट के कारणों को लेकर अलग-अलग सिद्धांत हैं। लेकिन इस टीम का मानना है कि सबसे व्यावहारिक स्पष्टीकरण गैस (ज्यादातर हाइड्रोजन) या धूल का एक बहुत बड़ा बादल का बनना है जो इसकी कक्षा से दूर आ गया है।
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