एल एंड टी के इलेक्ट्रिकल एंड ऑटोमेशन कारोबार के लिए ऊर्जा प्रबंधन से जुड़ी कंपनी श्नाइडर ने मई 2018 में समझौता किया था। आवश्यक विनियामक मंजूरी मिलने और जरूरी शर्तों को पूरा करने के बाद, अब यह बिक्री प्रक्रिया पूरी हो गयी है। यह समूह का गैर-प्रमुख कारोबार से हटने की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है।
यह सौदा 14,000 करोड़ रुपये का है।
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श्नाइडर ने कहा है कि उसने भारत में अपनी निम्न वोल्टेज और औद्योगिक आटोमेशन कारोबार को एल एंड टी के इलेक्ट्रिक और आटोमेशन कारोबार के साथ मिलाने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। इससे राजस्व की दृष्टि से भारत श्नाइडर इलेक्ट्रिक के लिए तीसरा बड़ा बाजार बन जाएगा।
· श्नाइडर ने अनिल चौधरी को इस नए संयुक्त कारोबार/ श्नाइटर इलेक्ट्रिक इंडया प्रा.लि. का मुख्य अधिशासी अधिकारी (सीईओ) बनाने की भी घोषणा की है।
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एल एंड टी ने एक बयान में कहा, ‘‘ इंजीनियरिंग, तकनीकी, विनिर्माण एवं वित्तीय सेवा से जुड़ा लार्सन एंड टुब्रो ने अपने इलेक्ट्रिकल और ऑटोमेशन (एल एंड टी ई एंड ए) कारोबार का ऊर्जा प्रबंधन एवं ऑटोमेशन के क्षेत्र में दुनिया की प्रमुख कंपनी, श्नाइडर इलेक्ट्रिक को बेचने की प्रक्रिया पूरी कर ली है।’’
समझौते के तहत लार्सन एंड टूब्रो के इलेक्ट्रिकल एंड ऑटोमेशन कारोबार के करीब 5,000 कर्मचारी श्नाइडर इलेक्ट्रिक के कर्मचारी होंगे।
बयान के अनुसार कारोबार बिक्री एल एंड टी के भावी विकास को देखते हुए की गयी है।
सौदा पूरा होने पर लार्सन एंड ट्रूब्रो के समूह चेयरमैन ए.एम. नाईक ने , ‘‘ हमें भरोसा है कि एल एंड टी द्वारा दशकों की मेहनत व प्रयास से खड़े किये गये इस कारोबार को श्नाइडर और आगे ले जाएगी।''
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