देश की खबरें | सत्येंद्र जैन और उनके सहयोगियों ने दिल्ली में कृषि भूमि खरीदने के लिए हवाला धन का इस्तेमाल किया: ईडी

नयी दिल्ली, 29 जुलाई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हाल में दाखिल आरोप पत्र में आरोप लगाया है कि दिल्ली के मंत्री सत्येंद्र जैन और उनके सहयोगियों ने हवाला धन का ''इस्तेमाल'' दिल्ली और उसके आसपास कृषि भूमि खरीदने और इसी तरह के लेन-देन के वास्ते लिए गए कर्ज को चुकाने में किया।

संघीय एजेंसी ने एक बयान में कहा कि आरोपपत्र या अभियोजन शिकायत यहां 27 जुलाई को विशेष धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) अदालत में दायर की गई और अदालत ने शुक्रवार को इसका संज्ञान लिया।

ईडी ने आरोप पत्र में सत्येंद्र जैन, उनकी पत्नी पूनम जैन और सहयोगियों अजीत प्रसाद जैन, सुनील कुमार जैन, वैभव जैन व अंकुश जैन और कंपनियों अकिंचन डेवलपर्स प्रा. लिमिटेड, प्रयास इंफोसॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड, मंगलायतन डेवलपर्स प्राइवेट और जे.जे आइडियल एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड को नामजद किया है।

जैन को ईडी ने 30 मई को गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी द्वारा हिरासत में लिए जाने से पहले जैन के पास स्वास्थ्य, ऊर्जा और कुछ अन्य विभाग थे।

ईडी ने वैभव जैन और अंकुश जैन को भी गिरफ्तार किया था और वे भी मंत्री के साथ न्यायिक हिरासत में हैं।

ईडी ने कहा कि जांच में पाया गया, ''2015-16 के दौरान, सत्येंद्र जैन एक लोक सेवक थे और (उनके स्वामित्व वाली और उनके द्वारा नियंत्रित) उपरोक्त चार कंपनियों को कोलकाता स्थित एंट्री ऑपरेटर्स को नकदी हस्तांतरित करने के बदले मुखौटा कंपनियों की ओर से 4.81 करोड़ रुपये की हवाला राशि प्राप्त हुई थी।

एजेंसी ने आरोप लगाया, ''इन धनराशियों का इस्तेमाल दिल्ली और उसके आसपास कृषि भूमि की प्रत्यक्ष खरीद या खरीदी जा चुकी कृषि भूमि से संबंधित ऋण की अदायगी के लिए किया गया था।''

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