देश की खबरें | सनातन धर्म ने द्रौपदी मुर्मू को देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति बनाया: अन्नामलाई

मदुरै (तमिलनाडु), छह सितंबर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तमिलनाडु इकाई ने बुधवार को कहा कि आदिवासी समुदाय से आने वाली द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति और देश का प्रथम नागरिक बनाया गया और यही सनातन धर्म है।

द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) नेता एवं तमिलनाडु के युवा कल्याण मंत्री उदयनिधि स्टालिन के इस आरोप का खंडन करते हुए कि मुर्मू को नये संसद भवन के हालिया उद्घाटन में आमंत्रित नहीं किया गया था और यह सनातन धर्म की "भेदभावपूर्ण" प्रथा को दर्शाता है, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के अन्नामलाई ने सवाल किया कि द्रमुक ने उनके लिए वोट क्यों नहीं किया।

अन्नामलाई ने यहां निकट श्रीविल्लिपुथुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान सवाल किया, ‘‘द्रमुक ने राष्ट्रपति चुनाव में उनके समर्थन में मतदान क्यों नहीं किया?’’ अन्नामलाई ने कहा कि सभी जातियां समान हैं।

उन्होंने तमिलनाडु की सत्तारूढ़ पार्टी से उस उम्मीदवार के बारे में सवाल किया जिसका उसने राष्ट्रपति चुनाव में समर्थन किया था। उन्होंने कहा, ‘‘आपने (द्रमुक ने) (मुर्मू के खिलाफ) यशवंत सिन्हा को वोट दिया, वह किस समुदाय से हैं?’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम देश के लोगों ने उन्हें (मुर्मू को) राष्ट्रपति बनाया और यही सनातन धर्म है, आपने उनके पक्ष में मतदान क्यों नहीं किया?’’

भाजपा नेता ने यह भी सवाल किया कि क्या द्रमुक ने अनुसूचित जाति समुदाय से आने वाले रामनाथ कोविंद के पक्ष में मतदान किया था? उन्होंने कहा, ‘‘हम सनातन धर्म को मानने वालों ने उन्हें वोट दिया क्योंकि हमारा मानना है कि सभी समान हैं। सनातन धर्म के बारे में हमसे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीखें।’’

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