Lonavala Trekking Tragedy: महाराष्ट्र के लोनावला में एक बेहद दुखद घटना सामने आई है. नवी मुंबई के कलंबोली (कुछ रिपोर्टों के अनुसार बेलापूर) की रहने वाली 20 वर्षीय कानून की छात्रा, श्रेया नरेंद्र पाटिल का शव सोमवार को लोनावला के टाइगर पॉइंट के पास एक 400 फीट गहरी खाई से बरामद किया गया. श्रेया पिछले सप्ताह के अंत में ट्रेकिंग के लिए अकेले लोनावला आई थी और शनिवार से लापता थी. सघन तलाशी अभियान के बाद ड्रोन कैमरों की मदद से उसका शव गहरी खाई में मिला.
शनिवार से लापता थी छात्रा
जानकारी के अनुसार, श्रेया कल्याण स्थित 'बिट्स लॉ स्कूल' (BITS Law School) की छात्रा थी. वह शनिवार सुबह घर से लोनावला के 'ड्यूक्स नोज' (Duke's Nose) इलाके में ट्रेकिंग की बात कहकर निकली थी. जब वह शाम तक घर नहीं लौटी और उसका फोन भी आउट ऑफ कवरेज आने लगा, तो परिजनों ने पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. जांच के दौरान पुलिस को टाइगर पॉइंट के पास एक लावारिस बैग मिला, जिसमें मौजूद आईडी कार्ड से उसकी पहचान हुई. यह भी पढ़े: Bengaluru Shocker: बेंगलुरु में ओयो होटल में प्रेमी ने प्रेमिका की बेरहमी से चाकू मारकर की हत्या, पुलिस ने शव बरामद कर जांच में जुटी
ड्रोन और रेस्क्यू टीम की मदद से मिली कामयाबी
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुणे ग्रामीण पुलिस ने स्थानीय 'शिवदुर्ग मित्र' ट्रेकिंग ग्रुप और डॉग स्क्वायड की मदद से तलाशी अभियान शुरू किया. इलाके की भौगोलिक स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण और गहरी ढलान वाली होने के कारण रेस्क्यू टीम ने आधुनिक ड्रोन कैमरों का सहारा लिया. रविवार शाम करीब 5 बजे ड्रोन ने 400 फीट नीचे गहरी खाई में शव को लोकेट किया. अंधेरा और दुर्गम रास्ता होने के बावजूद रेस्क्यू टीम ने रस्सियों के सहारे रात करीब 9:30 बजे शव को बाहर निकाला.
पुलिस जांच और सुरक्षा पर सवाल
लोनावला पुलिस ने इस मामले में आकस्मिक मृत्यु (ADR) दर्ज की है. हालांकि पुलिस इस मामले में आत्महत्या के एंगल से भी जांच कर रही है. शुरुआती पूछताछ में संकेत मिले हैं कि छात्रा कुछ घरेलू तनाव में हो सकती थी, लेकिन अभी तक कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है. शव को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेज दिया गया है, जिसकी रिपोर्ट के बाद ही मौत के सटीक कारणों का पता चल सकेगा.
ट्रेकिंग में सुरक्षा को लेकर चेतावनी
इस घटना ने पश्चिमी घाट के पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा मानकों को लेकर एक बार फिर चर्चा छेड़ दी है. स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने बार-बार पर्यटकों को चेतावनी दी है कि वे अकेले ट्रेकिंग न करें और खतरनाक ढलानों या चट्टानों के किनारे जाने से बचें. विशेषज्ञों का कहना है कि टाइगर पॉइंट जैसे इलाकों में फेंसिंग (बाड़ेबंदी) की कमी और अचानक आने वाली धुंध अक्सर हादसों का कारण बनती है.













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