नयी दिल्ली, 27 जुलाई सार्वजनिक क्षेत्र के रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) में सरकार की 5.36 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने के लिए आयोजित बिक्री पेशकश के पहले दिन बृहस्पतिवार को संस्थागत निवेशकों ने जमकर बोलियां लगाईं।
बिक्री पेशकश का पहला दिन संस्थागत निवेशकों के लिए आरक्षित था और उन्होंने निर्धारित 6.38 करोड़ शेयरों की तुलना में 15.64 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां लगाईं। पेशकश के लिए 121.17 रुपये प्रति शेयर का सांकेतिक मूल्य रहा। उस हिसाब से लगाई गई बोलियों का मूल्य करीब 1,900 करोड़ रुपये है।
सरकार ने बिक्री पेशकश के जरिये आरवीएनएल के 11.17 करोड़ शेयरों को बेचकर अपनी हिस्सेदारी कम करने का फैसला किया है। इसके लिए 119 रुपये प्रति शेयर का आरक्षित मूल्य तय किया गया है।
शुक्रवार को खुदरा निवेशक इसके लिए बोलियां लगाएंगे। अगर बिक्री पेशकश में ज्यादा बोलियां आती हैं तो सरकार 1.96 प्रतिशत अतिरिक्त हिस्सेदारी की भी बिक्री कर सकती है।
सरकार यह पेशकश कंपनी में न्यूनतम सार्वजनिक हिस्सेदारी रखने के लिए ला रही है। फिलहाल आरवीएनएल में सरकार की हिस्सेदारी 78.20 प्रतिशत है।
आरवीएनएल का गठन जनवरी, 2003 में रेल मंत्रालय के पूर्ण स्वामित्व वाली सार्वजनिक इकाई के तौर पर किया गया था। इसके जरिये रेलवे की ढांचागत विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन और उनके लिए वित्त जुटाने का लक्ष्य रखा गया था।
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