विदेश की खबरें | अंतरिक्ष स्टेशन पर यूक्रेनी झंडे से मिलते-जुलते सूट में पहुंचे रूसी अंतरिक्ष यात्री

24 फरवरी को यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के बाद यह आईएसएस पर कदम रखने वाला रूसी अंतरिक्ष यात्रियों का पहला दल था।

रूसी अंतरिक्ष एजेंसी रॉस्कॉस्मोस के तीन अंतरिक्ष यात्रियों-ओलेग आर्तेमेव, डेनिस मातेयेव और सर्गेई कोर्साकोव ने सोयुज एमएस-21 यान के जरिये रूस द्वारा पट्टे पर लिए गए कजाकिस्तान के बैकोनूर लॉन्च पैड से शुक्रवार रात आठ बज कर 55 मिनट पर अंतरिक्ष के लिए उड़ान भरी।

खबरों के मुताबिक, करीब तीन घंटे बाद तीनों यात्री आईएसएस पर पहुंचने में कामयाब रहे, जहां दो रूसी, चार अमेरिकी और एक जर्मन यात्री पहले से मौजूद हैं।

सोयुज एमएस-21 यान से आईएसएस में दाखिल होते आर्तेमेव का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह नीली और पीली पट्टियों वाला स्पेस सूट पहने नजर आ रहे हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि अंतरिक्ष यात्रियों को यूक्रेनी झंडे से मिलता-जुलता स्पेस सूट पहनाकर रूस क्या संदेश देना चाहता था।

धरती पर परिजनों से बातचीत के दौरान जब आर्तेमेव से इस सूट के बारे में पूछा गया तो उन्होंने जवाब दिया कि अंतरिक्ष रवाना होने वाला हर दल अपने सूट का रंग चुनता है।

उन्होंने कहा, “रंग चुनने की बारी हमारी थी। लेकिन हकीकत में हमने बहुत सारी पीली सामग्री इकट्ठा कर ली थी और हमें इसका इस्तेमाल करने की जरूरत थी। लिहाजा हमें पीला सूट पहनना पड़ा।”

यूक्रेन में युद्ध शुरू होने के बाद से कीव के प्रति अपना समर्थन दर्शाने के लिए कई लोगों ने यूक्रेनी ध्वज से मिलती-जुलती पोशाक पहनी है। युद्ध के चलते कई अंतरिक्ष उड़ानें और समझौते रद्द करने पड़े हैं।

रॉस्कॉस्मोस प्रमुख दमित्री रोगोजिन ने चेताया है कि रूस के अमेरिकी कंपनियों को रॉकेट की आपूर्ति करने से इनकार करने के बाद अमेरिका को अंतरिक्ष अभियानों को अंजाम देने के लिए ‘झाड़ू’ का इस्तेमाल करना पड़ेगा।

हालांकि, नासा प्रमुख बिल नेल्सन ने ‘एसोसिएटेड प्रेस’ से बातचीत में रोगोजिन की टिप्पणी को खारिज करते हुए कहा, “वह दमित्री रोगोजिन हैं, जो आए दिन कुछ न कुछ कहते रहते हैं। लेकिन अंत में वह हमारे साथ काम करना जारी रखते हैं।”

नेल्सन ने कहा, “रूसी अंतरिक्ष एजेंसी में काम करने वाले अन्य लोग बहुत पेशेवर हैं। वे हमसे, अमेरिकी अंतरिक्ष यात्रियों से और मिशन कंट्रोल टीम से लगातार सहयोग करते हैं।”

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