विदेश की खबरें | अमेरिका के दावों को खारिज करते हुए रूस ने ईरान के उपग्रह प्रक्षेपण को सही ठहराया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. अमेरिका ने ईरान के उपग्रह प्रक्षेपण को 2015 परमाणु समझौते का समर्थन करने वाले संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव का उल्लंघन करार दिया था।
अमेरिका ने ईरान के उपग्रह प्रक्षेपण को 2015 परमाणु समझौते का समर्थन करने वाले संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव का उल्लंघन करार दिया था।
यह समझौता ईरान और छह शक्तिशाली देशों के बीच हुआ था। परमाणु समझौते से अमेरिका 2018 में अलग हो गया था।
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संयुक्त राष्ट्र में रूस के राजदूत वेसिली नेबेंजिया ने कहा, ‘‘ अमेरिका की ओर से चल रहे प्रयासों से झूठे दावों के तहत शांतिपूर्ण अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के लाभ प्राप्त करने के अधिकार से ईरान को वंचित करना गंभीर चिंता और गहरे अफसोस का कारण है।”
उन्होंने अमेरिका के उन आरोपों को खारिज कर दिया, जिसमें उसने ईरान के रेवोल्यूशनरी गार्ड द्वारा 22 अप्रैल को किए उपग्रह प्रक्षेपण को 2015 समझौते का उल्लंघन बताया था।
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उस समझौते के तहत ईरान बैलिस्टिक मिसाइल से जुड़ी ऐसी कोई भी गतिविधि में लिप्त नहीं हो सकता, जिससे परमाणु हथियार बनाए जा सकें।
नेबेंजिया ने संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतारेस को लिखे पत्र में कहा, ‘‘ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं थे और ना ही उसके के पास अभी कोई ऐसे हथियार हैं और हम उम्मीद करते हैं कि भविष्य में भी उसके पास ऐसा कुछ नहीं होगा।’’
यह पत्र सुरक्षा परिषद ने बृहस्पतिवार को जारी किया था।
उन्होंने कहा कि 2015 में ईरान समझौता होने के बाद से ही ‘‘अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी द्वारा ईरान सबसे अधिक सत्यापित देश रहा है’’ और ‘‘ यह स्थापित तथ्य है कि ईरान के पास परमाणु हथियार बनाने के लिए बैलिस्टिक मिसाइल ना है, ना वह बना रहा है और ना ही इसका इस्तेमाल कर रहा है।’’
गौरतलब है कि ईरान के रेवोल्यूशनरी गार्ड ने अप्रैल में कहा था कि उन्होंने एक सचल लॉन्चर का एक नये प्रक्षेपण स्थल पर इस्तेमाल करते हुए ‘‘नूर’’ उपग्रह को पृथ्वी की कम उंचाई वाली कक्षा में स्थापित कर दिया है।
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