शुक्रवार को ‘ओवल ऑफिस’ में हुई बैठक में उस समय कटुता बढ़ गई जब ट्रंप और उपराष्ट्रपति जे डी वेंस ने जेलेंस्की पर शांति वार्ता से इनकार करने का आरोप लगाया तथा अब तक अमेरिकी समर्थन के प्रति कृतघ्न होने के लिए उनकी आलोचना की। इससे अमेरिका-यूक्रेन के संबंधों के भविष्य पर संदेह पैदा हो गया है।
क्रेमलिन ने व्हाइट हाउस की इस मुलाकात को तीन साल से चल रहे संघर्ष को समाप्त करने के लिए बातचीत करने में ज़ेलेंस्की की अनिच्छा के प्रमाण के रूप में प्रस्तुत किया।
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा, ‘‘शुक्रवार को व्हाइट हाउस में जो कुछ हुआ, उससे यह स्पष्ट हो गया है कि यूक्रेनी समझौते की राह पर आगे बढ़ना कितना मुश्किल होगा।’’
रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने ट्रंप के शांति प्रयासों की अवहेलना करने के लिए यूक्रेन के यूरोपीय सहयोगियों की आलोचना की तथा यूरोप को संघर्ष का जन्मस्थान बताया।
मॉस्को में कई टिप्पणीकारों ने कहा कि यदि अमेरिका सैन्य सहायता में कटौती करता है तो यूरोप यूक्रेन को पर्याप्त हथियार उपलब्ध नहीं करा पाएगा।
एपी
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