विदेश की खबरें | रूस ने शीर्ष स्वतंत्र समाचारपत्र का मीडिया लाइसेंस रद्द किया
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

स्वतंत्र मीडिया, विपक्षी कार्यकर्ताओं और मानवाधिकार समूहों के खिलाफ पिछले एक महीने से जारी कड़ी कार्रवाई की शृंखला में यह नवीनतम घटना है।

रूस के जानेमाने स्वतंत्र समाचारपत्र ‘नोवाया गजेटा’ के खिलाफ यह फैसला यूक्रेन में रूस का सैन्य अभियान जारी रहने और क्रेमलिन द्वारा आलोचकों को चुप कराए जाने के प्रयास के बीच आया है।

अखबार के प्रधान संपादक दिमित्री मुरातोव नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित हैं। उन्होंने सोमवार के फैसले को ‘‘राजनीतिक’’ करार दिया और दावा किया कि इसका ‘‘कोई भी कानूनी आधार नहीं है।’’ उन्होंने इसके खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ने का वादा किया।

रूस के मीडिया और इंटरनेट नियामक रोसकोम्नाद्ज़ोर ने नोवाया गजेटा का लाइसेंस रद्द करने के लिए अदालत में याचिका दायर की थी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि वह समय पर अधिकारियों को न्यूज़रूम चार्टर प्रस्तुत करने में विफल रहा है।

नोवाया गजेटा ने 28 मार्च को घोषणा की थी कि वह यूक्रेन में ‘‘विशेष अभियान’’ की अवधि के लिए अपना संचालन निलंबित कर रहा है। रूसी अधिकारियों का कहना है कि मीडिया को यूक्रेन में सैन्य कार्रवाई के लिए ‘‘विशेष अभियान’’ शब्द का उपयोग करना चाहिए।

हालांकि, इसकी टीम ने यूक्रेन में अभियान की आलोचना करते हुए विदेश से एक नयी परियोजना, नोवाया गजेटा यूरोप शुरू की।

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा 24 फरवरी को यूक्रेन में सैनिकों को भेजने के कुछ दिनों बाद, रूस की क्रेमलिन-नियंत्रित संसद ने उस कानून को मंजूरी दे दी जो रूसी सेना की कथित निंदा या यूक्रेन में देश के सैन्य अभियान के बारे में ‘‘गलत जानकारी’’ के प्रसार को प्रतिबंधित करता है।

परिणामस्वरूप दर्जनों रूसी स्वतंत्र मीडिया इकाइयों पर प्रतिबंध लगा दिया गया, जबकि अन्य ने यूक्रेन से संबंधित रिपोर्टिंग रोकने की घोषणा की।

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