विदेश की खबरें | यूक्रेन युद्ध के बीच रूस ने यूएई शस्त्र मेले में बिक्री के लिए रखे हथियार
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

इन हथियारों में कलाश्निकोव असॉल्ट राइफल से लेकर मिसाइल प्रणाली तक शामिल हैं।

संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी में सोमवार को आयोजित अंतरराष्ट्रीय रक्षा प्रदर्शनी और सम्मेलन में बिक्री के लिए हथियारों को रखा जाना इस बात को रेखांकित करता है कि कैसे खाड़ी अरब महासंघ ने पश्चिम के साथ अपने संबंधों को संतुलित करते हुए मॉस्को को दूर नहीं किया है।

रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू हुए इस शुक्रवार को एक साल पूरा हो जाएगा।

हथियारों के मेले में आमतौर पर अमीराती लोग उन व्यक्तियों की मेजबानी करते देखे जाते हैं जिन्हें पश्चिमी देशों में ‘समस्या’ के रूप में देखा जा सकता है। पूर्व सूडानी कद्दावर नेता उमर अल-बशीर 2017 में मेले में आए थे। यूक्रेन युद्ध में गहराई से शामिल चेचन क्षेत्रीय नेता रमजान कादिरोव ने 2019 और 2021 में इसमें शिरकत की थी।

‘एसोसिएटेड प्रेस’ के पत्रकारों ने रूस के व्यापार व उद्योग मंत्री डेनिस मांतुरोव को मेले से निकलते देखा। मांतुरोव पर अमेरिका व ब्रिटेन दोनों ने प्रतिबंध लगा रखा है।

रूस हालांकि यूक्रेन युद्ध को अपने हथियारों के उत्पादन व प्रदर्शन के तौर पर देखता है।

समाचार एजेंसी ‘तास’ के मुताबिक मांतुरोव ने कहा, “कोई भी सैन्य कार्रवाई उन उत्पादों, उन हथियारों में रुचि पैदा करती है, जिनकी उस कार्रवाई में मांग होती है। इसलिए, निश्चित रूप से, अब लघु, मध्यम और लंबी दूरी की वायु रक्षा प्रणालियों में रुचि अधिक है।”

हथियारों के मेले में रूस के हिस्सा लेने के बारे में पूछे जाने पर, अमेरिकी विदेश विभाग ने ‘एपी’ को बताया, “संभावित खरीदारों को यूक्रेन के साथ एकता दिखाते हुए खड़ा होना चाहिए और रूसी हथियारों व उपकरणों की खरीद से बचना चाहिए।”

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