विदेश की खबरें | रूस ने तुर्किये, सीरिया और ईरान के बीच वार्ता की मेजबानी की
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

लावरोव ने अपने शुरुआती संबोधन में उम्मीद जताई कि इस बैठक से तुर्किए और सीरिया के संबंधों को सामान्य बनाने के लिए एक रणनीति तैयार करने का मार्ग प्रशस्त होगा।

उन्होंने कहा कि उनकी नजर में रूस का कार्य न केवल राजनीतिक रूप से हुई प्रगति को मजबूत बनाना, बल्कि आगे की प्रक्रिया के लिए सामान्य दिशानिर्देशों को निर्धारित करना भी है।

रूस लंबे समय से सीरियाई राष्ट्रपति बशर असद को मदद देने का प्रयास कर रहा है ताकि तुर्किये और अन्य युद्धग्रस्त देशों के साथ सीरिया के संबंधों में सुधार हो सके।

रूस ने ईरान के साथ मिलकर सितंबर 2015 में सीरिया में सैन्य हस्तक्षेप किया ताकि असद की सरकार का देश के अधिकतर हिस्से पर फिर से नियंत्रण हो सके। रूस ने मध्यपूर्व देश में अपनी सैन्य उपस्थिति बनाए रखी है, हालांकि बड़ी संख्या में उसके सैनिक यूक्रेन के साथ लड़ाई ने शामिल हैं।

सीरियाई सरकारी मीडिया ने विदेश मंत्री फैसल मेकदाद के हवाले से कहा कि पिछले वर्षों में सभी नकारात्मकताओं के बावजूद सीरिया ने इस वार्ता को “दोनों सरकारों के लिए हमारे मित्रों रूस और ईरान की सहायता और समर्थन के साथ सहयोग के अवसर के रूप में देखा।”

मेकदाद ने कहा कि सीरियाई सरकार का मुख्य लक्ष्य देश में तुर्की के बलों सहित सभी "अवैध" सैन्य उपस्थिति को हटाना है।

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